🌊 भारतीय नदियाँ : त्वरित पुनरावर्तन नोट्स
1️⃣ भारत की नदियों का सामान्य परिचय
- भारत को “नदियों की भूमि” कहा जाता है।
- नदी जीवन के सभी पहलुओं में महत्वपूर्ण: कृषि, उद्योग, संस्कृति, अर्थव्यवस्था।
- महत्व: सिंचाई, पेयजल, जलविद्युत, परिवहन, धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व, जैव विविधता।
2️⃣ भारत की नदियों का वर्गीकरण
- उद्गम के आधार पर: हिमालयी, प्रायद्वीपीय
- जल प्रवाह के आधार पर: सदानीरा (Perennial), मौसमी (Seasonal)
- प्रवाह दिशा के आधार पर: पूर्ववाहिनी (बंगाल की खाड़ी), पश्चिमवाहिनी (अरब सागर)
3️⃣ हिमालयी नदियाँ (Himalayan Rivers)
- हिमनद और वर्षा से जल प्राप्त
- सदानीरा, लंबी और गहरी घाटियाँ, विस्तृत डेल्टा
- अधिक जल प्रवाह, बाढ़ की संभावना अधिक
4️⃣ सिंधु नदी तंत्र (Indus River System)
- सिंधु नदी: उद्गम - मानसरोवर झील, तिब्बत; लंबाई - 3180 किमी; भारत में - 1114 किमी
- मुख्य सहायक नदियाँ: झेलम, चिनाब, रावी, व्यास, सतलुज
- सिंधु जल संधि 1960: रावी, व्यास, सतलुज – भारत; सिंधु, झेलम, चिनाब – पाकिस्तान
5️⃣ गंगा नदी तंत्र (Ganga River System)
- गंगा नदी: उद्गम - गोमुख हिमनद, उत्तराखंड; लंबाई - 2525 किमी; डेल्टा - सुंदरबन
- मुख्य सहायक नदियाँ:
- बाएँ तट: रामगंगा, गोमती, घाघरा, गंडक, कोसी
- दाएँ तट: यमुना, सोन, पुनपुन
- यमुना: उद्गम - यमुनोत्री हिमनद; लंबाई - 1376 किमी
6️⃣ ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र (Brahmaputra River System)
- उद्गम: त्सांगपो (तिब्बत); भारत में प्रवेश: अरुणाचल प्रदेश (दिहांग)
- लंबाई: लगभग 2900 किमी
- मुख्य सहायक: दिबांग, लोहित, सुबनसिरी, मानस
- विशेषताएँ: सर्वाधिक जल प्रवाह, बार-बार बाढ़, उपजाऊ घाटी
7️⃣ प्रायद्वीपीय नदियाँ (Peninsular Rivers)
- वर्षा पर निर्भर, अपेक्षाकृत छोटी, कठोर चट्टानों से बहती हैं
- डेल्टा कम विकसित (विशेषकर पश्चिमवाहिनी नदियाँ)
8️⃣ पूर्ववाहिनी नदियाँ (East Flowing Rivers)
- महानदी: उद्गम - सिहावा, छत्तीसगढ़; लंबाई - 858 किमी; डेल्टा - ओडिशा
- गोदावरी: त्र्यंबकेश्वर, महाराष्ट्र; लंबाई - 1465 किमी; सबसे लंबी प्रायद्वीपीय नदी
- कृष्णा: महाबलेश्वर; लंबाई - 1400 किमी
- कावेरी: ब्रह्मगिरि पर्वत; लंबाई - 760 किमी
9️⃣ पश्चिमवाहिनी नदियाँ (West Flowing Rivers)
- नर्मदा: उद्गम - अमरकंटक; लंबाई - 1312 किमी
- ताप्ती: उद्गम - सतपुड़ा; लंबाई - 724 किमी
- अन्य: साबरमती, माही, लूणी, पेरियार
🔟 प्रमुख नदी घाटी परियोजनाएँ
- भाखड़ा नांगल – सतलुज
- हीराकुंड – महानदी
- सरदार सरोवर – नर्मदा
- टिहरी – भागीरथी
- नागार्जुन सागर – कृष्णा
1️⃣1️⃣ महत्वपूर्ण झीलें व नदी–झील संबंध
- चिल्का – दया नदी
- वुलर – झेलम
- लोकटक – इम्फाल नदी
- सांभर – लूणी
1️⃣2️⃣ परीक्षा में बार-बार पूछे जाने वाले तथ्य
- सबसे लंबी नदी (भारत): गंगा
- सबसे लंबी प्रायद्वीपीय नदी: गोदावरी
- सबसे बड़ा डेल्टा: सुंदरबन
- सबसे अधिक जल प्रवाह: ब्रह्मपुत्र
- सबसे लंबी पश्चिमवाहिनी नदी: नर्मदा
1️⃣3️⃣ नदियाँ और धार्मिक महत्व
- गंगा – मोक्षदायिनी
- यमुना – कृष्ण से संबंधित
- नर्मदा – परिक्रमा प्रसिद्ध
- गोदावरी – कुंभ मेला
🌊 नदी घाटी परियोजनाएँ : Quick Revision
- उद्देश्य: सिंचाई, जलविद्युत, बाढ़ नियंत्रण, पेयजल, मृदा संरक्षण, औद्योगिक विकास
मुख्य परियोजनाएँ:
- टिहरी – भागीरथी, उत्तराखंड, सबसे ऊँचा बांध
- फरक्का बैराज – गंगा, पश्चिम बंगाल, कोलकाता बंदरगाह में गाद नियंत्रण
- भाखड़ा-नांगल – सतलुज, हिमाचल/पंजाब, बहुउद्देश्यीय
- पोंग – ब्यास, हिमाचल
- हीराकुंड – महानदी, ओडिशा, लंबा बांध
- सरदार सरोवर – नर्मदा, गुजरात, सिंचाई/विद्युत/पेयजल
- इंदिरा सागर – नर्मदा, मध्य प्रदेश, सबसे बड़ा जलाशय
- ओंकारेश्वर – नर्मदा, मध्य प्रदेश
- जयकवाड़ी – गोदावरी, महाराष्ट्र
- पोलावरम – गोदावरी, आंध्र प्रदेश, राष्ट्रीय परियोजना
- नागार्जुन सागर – कृष्णा, तेलंगाना/आंध्र प्रदेश
- मेट्टूर – कावेरी, तमिलनाडु
मध्य प्रदेश की प्रमुख परियोजनाएँ (MPPSC Focus):
- इंदिरा सागर – नर्मदा
- ओंकारेश्वर – नर्मदा
- बरगी – नर्मदा
- गांधी सागर – चंबल
- बाणसागर – सोन
परीक्षा तथ्य:
- सबसे ऊँचा बांध – टिहरी
- सबसे लंबा बांध – हीराकुंड
- सबसे बड़ा जलाशय – इंदिरा सागर
- राष्ट्रीय परियोजना – पोलावरम
लाभ:
- कृषि उत्पादन, औद्योगिक विकास, रोजगार, क्षेत्रीय संतुलन, ऊर्जा सुरक्षा
समस्याएँ:
- विस्थापन, पर्यावरणीय क्षति, जैव विविधता पर प्रभाव, गाद जमाव, अंतरराज्यीय विवाद
Revision Trick:
- “नदी + राज्य + विशेषता” एक साथ याद करें
- MPPSC – नर्मदा व चंबल पर ध्यान
- UPSC – राष्ट्रीय परियोजनाएँ ज़रूरी
