10th Day । हिंदी भाषा



मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा में हिंदी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण भाग होता है, जिसमें संधि भी शामिल है। विसर्ग संधि, विशेष रूप से विसर्ग स्वर संधि, एक ऐसा विषय है जिसे समझना अत्यंत आवश्यक है। आइए इसे विस्तारपूर्वक उदाहरणों सहित समझते हैं:


विसर्ग संधि (Visarg Sandhi):

विसर्ग संधि वह संधि है जिसमें विसर्ग (:) के साथ किसी स्वर या व्यंजन के मेल से विसर्ग में परिवर्तन होता है।
विसर्ग संधि के मुख्यतः तीन भेद होते हैं:

  • विसर्ग स्वर संधि (Visarg Swar Sandhi):
    जब विसर्ग के बाद कोई स्वर आता है और विसर्ग में परिवर्तन होता है।

  • विसर्ग व्यंजन संधि (Visarg Vyanjan Sandhi):
    जब विसर्ग के बाद कोई व्यंजन आता है और विसर्ग में परिवर्तन होता है।

  • विसर्ग लोप संधि (Visarg Lop Sandhi):
    जब विसर्ग का लोप हो जाता है।

👉 यहां हम विसर्ग स्वर संधि पर ध्यान केंद्रित करेंगे।


विसर्ग स्वर संधि (Visarg Swar Sandhi):

विसर्ग स्वर संधि में विसर्ग (:) के बाद कोई स्वर आता है, जिसके कारण विसर्ग में परिवर्तन होता है। इसके कुछ महत्वपूर्ण नियम और उदाहरण निम्नलिखित हैं:


नियम 1: विसर्ग का 'ओ' में परिवर्तन

(विसर्ग के पहले 'अ' और बाद में 'अ' या घोष व्यंजन)

यदि विसर्ग के पहले 'अ' हो और विसर्ग के बाद 'अ' या किसी वर्ग का तीसरा, चौथा, पाँचवाँ वर्ण (ग, घ, ङ, ज, झ, ञ, ड, ढ, ण, द, ध, न, ब, भ, म)
या य, र, ल, व, ह हो, तो विसर्ग 'ओ' में बदल जाता है।

उदाहरण:

  • मनः + अनुकूल = मनोनुकूल
    (यहाँ 'न' में 'अ' स्वर है और बाद में 'अ' स्वर आया है।)
  • यशः + अभिलाषी = यशोभिलाषी
    (यहाँ 'श' में 'अ' स्वर है और बाद में 'अ' स्वर आया है।)
  • तपः + बल = तपोबल
    (यहां 'प' में 'अ' स्वर है और बाद में 'ब' (तीसरा वर्ण) आया है।)
  • मनः + हर = मनोहर
    (यहां 'न' में 'अ' स्वर है और बाद में 'ह' आया है।)
  • सरः + ज = सरोज
    (यहां 'र' में 'अ' स्वर है और बाद में 'ज' (तीसरा वर्ण) आया है।)

नियम 2: विसर्ग का 'र' में परिवर्तन

(विसर्ग के पहले 'अ/आ' को छोड़कर कोई अन्य स्वर और बाद में कोई स्वर या घोष व्यंजन)

यदि विसर्ग के पहले 'अ' या 'आ' को छोड़कर कोई अन्य स्वर (इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ) हो और विसर्ग के बाद कोई स्वर या किसी वर्ग का तीसरा, चौथा, पाँचवाँ वर्ण
या य, र, ल, व, ह हो, तो विसर्ग 'र्' (रेफ) में बदल जाता है।

उदाहरण:

  • निः + आशा = निराशा
    (यहाँ 'नि' में 'इ' स्वर है और बाद में 'आ' स्वर आया है।)
  • दुः + आत्मा = दुरात्मा
    (यहाँ 'दु' में 'उ' स्वर है और बाद में 'आ' स्वर आया है।)
  • निः + उपमा = निरुपमा
    (यहाँ 'नि' में 'इ' स्वर है और बाद में 'उ' स्वर आया है।)
  • निः + धन = निर्धन
    (यहां 'नि' में 'इ' स्वर है और बाद में 'ध' (चौथा वर्ण) आया है।)
  • दुः + उपयोग = दुरुपयोग
    (यहां 'दु' में 'उ' स्वर है और बाद में 'उ' स्वर आया है।)

नियम 3: विसर्ग का 'श', 'ष', 'स' में परिवर्तन

(विसर्ग के बाद च, छ, श, ट, ठ, ष, त, थ, स)

इस नियम में विसर्ग के बाद कुछ विशेष व्यंजन आने पर विसर्ग का परिवर्तन 'श', 'ष' या 'स' में होता है।
हालांकि, यह नियम मुख्य रूप से विसर्ग व्यंजन संधि के अंतर्गत आता है क्योंकि विसर्ग के बाद व्यंजन आते हैं।
फिर भी, यदि विसर्ग के बाद स्वर आता है, तो यह नियम लागू नहीं होता।


मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण बिंदु:

नियमों को आत्मसात करें:
ऊपर दिए गए नियमों को अच्छी तरह समझ लें और उन्हें याद कर लें।

उदाहरणों का अभ्यास करें:
जितने अधिक उदाहरणों का अभ्यास करेंगे, उतना ही आपकी पकड़ मजबूत होगी।

पहचानना सीखें:
किसी भी शब्द को देखकर यह पहचानना सीखें कि उसमें कौन सी संधि है और कौन सा नियम लग रहा है।

विच्छेद का अभ्यास करें:
दिए गए संधि-युक्त शब्द का विच्छेद करने का अभ्यास करें और विच्छेद से संधि बनाने का भी अभ्यास करें।

सामान्य गलतियों से बचें:
जल्दबाजी में गलत विच्छेद या गलत नियम का प्रयोग करने से बचें।


निष्कर्ष:

विसर्ग स्वर संधि, हिंदी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण पहलू है।
मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा के लिए, आपको इसके नियमों और उदाहरणों को गहराई से समझना होगा।
नियमित अभ्यास और स्पष्ट अवधारणा के साथ, आप इस भाग में अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं।

यहाँ "विसर्ग संधि" पर आधारित 10 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) दिए जा रहे हैं, जो MP TET, UPSC, या किसी भी शिक्षक प्रशिक्षण परीक्षा के लिए उपयोगी हैं:


विसर्ग संधि पर आधारित 10 MCQs

प्रश्न 1:
'विसर्ग संधि' में मुख्यतः किसका संधि होता है?
A) स्वर + स्वर
B) व्यंजन + व्यंजन
C) विसर्ग + स्वर या व्यंजन
D) यण + अयादि
उत्तर: C) विसर्ग + स्वर या व्यंजन


प्रश्न 2:
'दुः + ख' = ?
A) दु:ख
B) दुख
C) दुःख
D) दुगख
उत्तर: C) दुःख


प्रश्न 3:
‘दुः + कर्म’ में कौन-सी संधि है?
A) दीर्घ संधि
B) यण संधि
C) विसर्ग संधि
D) व्यंजन संधि
उत्तर: C) विसर्ग संधि


प्रश्न 4:
'शिवः + आलयः' = ?
A) शिवालय
B) शिवालाय
C) शिवालै
D) शिवाअलय
उत्तर: A) शिवालय


प्रश्न 5:
‘विसर्ग संधि’ में विसर्ग के बाद स्वर आने पर कौनसा परिवर्तन होता है?
A) विसर्ग बना रहता है
B) विसर्ग का लोप हो जाता है
C) विसर्ग 'स्' या 'ष्' में बदलता है
D) विसर्ग 'र्' बन जाता है
उत्तर: B) विसर्ग का लोप हो जाता है


प्रश्न 6:
‘गुरुः + इन्द्रः’ = ?
A) गुरु इन्द्र
B) गुरुइन्द्र
C) गुर्वीन्द्र
D) गुरूइन्द्र
उत्तर: C) गुर्वीन्द्र


प्रश्न 7:
'दुः' शब्द का विसर्ग संधि में रूप क्या होता है?
A) दु
B) दुर्
C) दुग्
D) दुः
उत्तर: C) दुग्


प्रश्न 8:
‘राजाः + इन्द्रः’ = ?
A) राजेन्द्र
B) राजिन्द्र
C) रजिन्द्र
D) राजा इन्द्र
उत्तर: A) राजेन्द्र


प्रश्न 9:
'मृत्युः + अंधकारः' = ?
A) मृत्युन्धकार
B) मृत्युंधकार
C) मृत्यंधकार
D) मृत्यु अंधकार
उत्तर: A) मृत्युन्धकार


प्रश्न 10:
‘विसर्ग संधि’ को संस्कृत में क्या कहते हैं?
A) दीर्घ संधि
B) व्यंजन संधि
C) सवर्ण संधि
D) विसर्ग संधि
उत्तर: D) विसर्ग संधि




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