📘 द्विगु समास (Dwigu Samas) - MP प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 की तैयारी हेतु
📚 विस्तारपूर्वक उदाहरणों सहित समझिए
🔹 द्विगु समास, समास के छह प्रमुख भेदों में से एक है। यह विशेष रूप से संख्यावाची होता है, जिसका अर्थ है कि इसमें पहला पद संख्या को दर्शाता है और दूसरा पद संज्ञा होता है। यह समास समूह या समुदाय का बोध कराता है।
✍️ परिभाषा:
जिस समास का पहला पद संख्यावाची विशेषण हो और दूसरा पद प्रधान संज्ञा हो तथा समस्त पद किसी समूह या समाहार का बोध कराए, उसे द्विगु समास कहते हैं।
⭐ द्विगु समास की प्रमुख विशेषताएँ
🔸 संख्यावाची प्रथम पद: इसका सबसे महत्वपूर्ण लक्षण यह है कि इसका पहला पद हमेशा कोई-न-कोई संख्या (एक, दो, तीन, चार आदि) होती है।
🔸 समूह या समाहार का बोध: समस्त पद किसी समूह, झुंड या समाहार (कलेक्शन) का अर्थ प्रकट करता है।
🔸 उत्तरपद प्रधान: इसमें दूसरा पद (उत्तरपद) प्रधान होता है, क्योंकि संख्या उसी की विशेषता बताती है।
🔸 प्रायः नपुंसकलिंग एकवचन: संस्कृत में प्रायः यह नपुंसकलिंग एकवचन में होता है, लेकिन हिंदी में यह लिंग-वचन के अनुसार बदल सकता है।
🔍 विग्रह करने का तरीका
द्विगु समास का विग्रह करते समय 'का समूह', 'का समाहार', 'वाला समूह' आदि शब्दों का प्रयोग किया जाता है।
🧠 उदाहरण सहित विस्तृत व्याख्या
आइए कुछ उदाहरणों से द्विगु समास को और अच्छे से समझते हैं:
🔹 चौराहा: इसका विग्रह होगा 'चार राहों का समाहार'। यहाँ 'चौ' (चार) संख्यावाची है और 'राहा' (राह) संज्ञा है। यह चार रास्तों के समूह को दर्शाता है।
🔹 त्रिलोक: 'तीन लोकों का समाहार'। 'त्रि' (तीन) संख्या है और 'लोक' (दुनिया) संज्ञा। यह तीनों लोकों के समूह को व्यक्त करता है।
🔹 पंचवटी: 'पाँच वटों (वृक्षों) का समाहार'। 'पंच' (पाँच) संख्या है और 'वटी' (वट वृक्ष) संज्ञा। यह पाँच वट वृक्षों के समूह को बताता है।
🔹 नवरात्र: 'नौ रात्रियों का समाहार'। 'नव' (नौ) संख्या है और 'रात्र' (रात्रि) संज्ञा। यह नौ रातों के समूह को इंगित करता है।
🔹 सप्तर्षि: 'सात ऋषियों का समूह'। 'सप्त' (सात) संख्या है और 'ऋषि' (संत) संज्ञा। यह सात ऋषियों के समूह को दर्शाता है।
🔹 दशमूल: 'दस मूलों का समाहार'। 'दश' (दस) संख्या है और 'मूल' (जड़) संज्ञा। यह दस जड़ों के समूह को बताता है (आयुर्वेद में प्रयुक्त)।
🔹 अष्टसिद्धि: 'आठ सिद्धियों का समाहार'। 'अष्ट' (आठ) संख्या है और 'सिद्धि' (अलौकिक शक्ति) संज्ञा। यह आठ सिद्धियों के समूह को दर्शाता है।
🔹 दोपहर: 'दो पहरों का समाहार'। 'दो' संख्या है और 'पहर' (समय) संज्ञा। यह दिन के दूसरे पहर को बताता है।
🔹 त्रिभुज: 'तीन भुजाओं का समाहार'। 'त्रि' (तीन) संख्या है और 'भुज' (भुजा) संज्ञा। यह तीन भुजाओं से घिरी आकृति को दर्शाता है।
🔹 चौमासा: 'चार मासों (महीनों) का समाहार'। 'चौ' (चार) संख्या है और 'मासा' (माह) संज्ञा। यह चार महीनों के समूह (विशेषकर वर्षा ऋतु) को इंगित करता है।
🔹 सप्ताह: 'सात दिनों का समूह'। 'सप्त' (सात) संख्या है और 'अह' (दिन) संज्ञा। यह सात दिनों के समूह को दर्शाता है।
🔹 पंचतंत्र: 'पाँच तंत्रों का समाहार'। 'पंच' (पाँच) संख्या है और 'तंत्र' (कथा संग्रह) संज्ञा। यह पाँच कथा संग्रहों के समूह को व्यक्त करता है।
🔹 तिराहा: 'तीन राहों का समाहार'। 'ति' (तीन) संख्या है और 'राहा' (राह) संज्ञा। यह तीन रास्तों के समूह को बताता है।
🔹 त्रिवेणी: 'तीन वेणियों (नदियों) का समाहार'। 'त्रि' (तीन) संख्या है और 'वेणी' (नदी) संज्ञा। यह तीन नदियों के संगम को दर्शाता है।
🔹 छहमासी: 'छह मासों का समाहार'। 'छह' संख्या है और 'मासी' (मास) संज्ञा। यह छह महीनों के समूह को बताता है।
🆚 द्विगु समास और बहुव्रीहि समास में अंतर
कभी-कभी द्विगु समास और बहुव्रीहि समास में भ्रम होता है, क्योंकि दोनों में पहला पद संख्यावाची हो सकता है।
🔸 द्विगु समास: यह समूह या समाहार का बोध कराता है और प्रधानता उत्तरपद की होती है।
उदाहरण: पंचवटी → पाँच वटों का समाहार (द्विगु)
🔸 बहुव्रीहि समास: यह किसी अन्य पद का विशेषण होता है, अर्थात समस्त पद किसी तीसरे अर्थ की ओर संकेत करता है।
उदाहरण:
दशानन → दस हैं आनन जिसके, अर्थात रावण (बहुव्रीहि)
चतुर्भुज → चार हैं भुजाएँ जिसकी, अर्थात विष्णु (बहुव्रीहि)
✅ पहचानने का सरल तरीका:
यदि समस्त पद से किसी निश्चित समूह या संख्या के योग का बोध हो, तो वह द्विगु समास होगा।
यदि वह किसी विशेष व्यक्ति, वस्तु या स्थान का नाम बन जाए (अर्थात् रूढ़ हो जाए) और किसी तीसरे अर्थ का बोधक हो, तो वह बहुव्रीहि समास होगा।
🎯 MP प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 की तैयारी हेतु सुझाव
📌 नियमित अभ्यास: ऊपर दिए गए उदाहरणों को ध्यान से समझें और ऐसे ही अन्य उदाहरणों को ढूंढकर उनका विग्रह करने का अभ्यास करें।
📌 नियमों की स्पष्टता: द्विगु समास की परिभाषा और विशेषताओं को कंठस्थ करें।
📌 अंतर पहचानें: द्विगु और बहुव्रीहि समास के बीच के अंतर को अच्छी तरह समझ लें, क्योंकि ऐसे प्रश्न अक्सर आते हैं।
📌 पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र: MP प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा के पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों में आए समास से संबंधित प्रश्नों को हल करें।
📌 समूह चर्चा: अपने सहपाठियों के साथ समास के नियमों और उदाहरणों पर चर्चा करें।
🔟 MCQs on द्विगु समास (With Answers)
1. 'त्रिलोकी' शब्द किस समास का उदाहरण है?
A) बहुव्रीहि
B) द्विगु
C) कर्मधारय
D) तत्पुरुष
✔ उत्तर: B) द्विगु
2. निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द द्विगु समास का उदाहरण है?
A) जलपान
B) त्रिवेणी
C) सुंदरकांड
D) राजकुमार
✔ उत्तर: B) त्रिवेणी
3. 'दशमुख' शब्द का सही विग्रह क्या होगा?
A) दस मुँह वाला
B) दस मुँह का काटा
C) दस मुँह से बचा
D) मुँह का दस भाग
✔ उत्तर: A) दस मुँह वाला
4. द्विगु समास में कौन-सा पद अनिवार्यतः होता है?
A) विशेषण
B) संज्ञा
C) क्रिया
D) संख्या
✔ उत्तर: D) संख्या
5. 'पंचवटी' शब्द का समास विग्रह क्या होगा?
A) पाँच वृक्षों की वटिका
B) पाँच ऋषियों की वटिका
C) पाँच वट वृक्षों वाली जगह
D) पाँच वट वृक्ष
✔ उत्तर: C) पाँच वट वृक्षों वाली जगह
6. द्विगु समास से बना शब्द कौन-सा है?
A) जलज
B) दशरथ
C) बालक
D) पंडितराज
✔ उत्तर: B) दशरथ
7. 'द्वारकाधीश' शब्द किसका उदाहरण है?
A) द्वंद्व समास
B) कर्मधारय समास
C) द्विगु समास
D) अव्ययीभाव समास
✔ उत्तर: C) द्विगु समास
8. कौन-सा शब्द द्विगु समास नहीं है?
A) सप्तसागर
B) त्रिनेत्र
C) सहदेव
D) त्रिलोचन
✔ उत्तर: C) सहदेव
(‘सहदेव’ द्विगु नहीं, तत्पुरुष है)
9. ‘द्विगु’ शब्द में ‘द्वि’ का अर्थ क्या है?
A) तीन
B) चार
C) दो
D) दस
✔ उत्तर: C) दो
10. द्विगु समास का फल किस रूप में होता है?
A) केवल संज्ञा
B) केवल विशेषण
C) विशेषण या संज्ञा दोनों
D) केवल क्रिया
✔ उत्तर: C) विशेषण या संज्ञा दोनों
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