द्वंद्व समास: मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 हेतु विस्तृत विवरण और उदाहरण
द्वंद्व समास संस्कृत व्याकरण का एक महत्वपूर्ण भाग है और मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा (MP Samvida Shikshak Varg 3) के हिंदी अनुभाग में इससे संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। इस समास को समझना अभ्यर्थियों के लिए अत्यंत आवश्यक है।
द्वंद्व समास की परिभाषा:
जब दो या दो से अधिक पद (शब्द) जिनके अर्थ की दृष्टि से समान महत्व हो और वे 'और', 'एवं', 'तथा', 'या' जैसे संयोजक शब्दों से जुड़े हों, लेकिन समास बनने पर इन संयोजक शब्दों का लोप हो जाए, तब उसे द्वंद्व समास कहते हैं। इसमें दोनों पद प्रधान होते हैं।
सरल शब्दों में, द्वंद्व समास में दोनों पद "और" से जुड़े होते हैं और विग्रह करने पर "और" या अन्य संयोजक शब्द प्रकट होते हैं।
द्वंद्व समास की पहचान:
- दोनों पद प्रधान: द्वंद्व समास में कोई भी पद गौण नहीं होता, दोनों की अपनी-अपनी महत्ता होती है।
- संयोजक शब्दों का लोप: समास बनने पर 'और', 'एवं', 'तथा', 'या' जैसे शब्दों का लोप हो जाता है।
- विपरीतार्थक या पूरक संबंध: अक्सर दोनों पदों के बीच विपरीतार्थक (जैसे रात-दिन) या पूरक (जैसे माता-पिता) संबंध होता है।
- योजक चिन्ह (Hyphen): अधिकांश द्वंद्व समासों में सामासिक पद के बीच योजक चिन्ह (-) का प्रयोग होता है, लेकिन यह अनिवार्य नहीं है।
द्वंद्व समास के प्रकार:
हिंदी व्याकरण में द्वंद्व समास के मुख्यतः तीन भेद माने जाते हैं:
1. इतरेतर द्वंद्व समास (Itaretar Dvandva Samas):
- इसमें दोनों पद अपना-अपना अलग अस्तित्व रखते हैं और 'और' संयोजक से जुड़े होते हैं।
- समास बनने पर दोनों पदों का अर्थ बना रहता है।
- यह बहुवचन में प्रयुक्त होता है (यदि एकवचन में प्रयोग हो तो संज्ञा-सर्वनाम के लिंग के अनुसार होता है)।
उदाहरण:
- माता-पिता = माता और पिता
- राम-लक्ष्मण = राम और लक्ष्मण
- भाई-बहन = भाई और बहन
- दिन-रात = दिन और रात
- जल-वायु = जल और वायु
- अन्न-जल = अन्न और जल
- घी-शक्कर = घी और शक्कर
- धनी-मानी = धनी और मानी
2. समाहार द्वंद्व समास (Samahar Dvandva Samas):
- इसमें दोनों पद और उनके अर्थ मिलकर किसी समूह या समुदाय का बोध कराते हैं।
- विग्रह करने पर 'आदि', 'इत्यादि' जैसे शब्द लगते हैं।
- यह प्रायः एकवचन में प्रयुक्त होता है।
उदाहरण:
- दाल-रोटी = दाल और रोटी आदि (दैनिक भोजन का समूह)
- हाथ-पैर = हाथ और पैर आदि (शरीर के अंग)
- बाल-बच्चे = बाल और बच्चे आदि (परिवार)
- अन्न-जल = अन्न और जल आदि (जीवनयापन के साधन)
- कपड़ा-लत्ता = कपड़ा और लत्ता आदि (वस्त्र)
- लेन-देन = लेना और देना आदि (व्यवहार)
3. वैकल्पिक द्वंद्व समास (Vaikalpik Dvandva Samas):
- इसमें दोनों पद एक-दूसरे के विकल्प के रूप में होते हैं, यानी उनमें से कोई एक ही सत्य होता है।
- विग्रह करने पर 'या', 'अथवा' जैसे संयोजक शब्दों का प्रयोग होता है।
- इसमें पदों के बीच अक्सर विलोम संबंध होता है।
उदाहरण:
- पाप-पुण्य = पाप या पुण्य
- सुख-दुःख = सुख या दुःख
- धर्म-अधर्म = धर्म या अधर्म
- लाभ-हानि = लाभ या हानि
- जीवन-मरण = जीवन या मरण
- थोड़ा-बहुत = थोड़ा या बहुत
- आना-जाना = आना या जाना
मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण बिंदु:
- परिभाषा और पहचान पर ध्यान दें: द्वंद्व समास की परिभाषा और उसके प्रकारों की पहचान करना सबसे महत्वपूर्ण है।
- उदाहरणों का अभ्यास करें: जितने अधिक उदाहरणों का अभ्यास करेंगे, उतनी ही स्पष्टता आएगी।
- विग्रह करना सीखें: दिए गए सामासिक पद का सही विग्रह करना आना चाहिए, क्योंकि अक्सर परीक्षा में विग्रह करने या विग्रह से समास बनाने वाले प्रश्न पूछे जाते हैं।
- भेद पहचानें: तीनों भेदों (इतरेतर, समाहार, वैकल्पिक) के बीच के अंतर को समझना महत्वपूर्ण है, क्योंकि कई बार भेद पहचानने से संबंधित प्रश्न भी आते हैं।
- योजक चिन्ह की अनिवार्यता नहीं: यह याद रखें कि योजक चिन्ह (-) का प्रयोग अक्सर होता है, लेकिन यह हर द्वंद्व समास में हो, ऐसा आवश्यक नहीं है (जैसे 'देवासुर' - देव और असुर)।
कुछ और उदाहरण (अभ्यास के लिए):
- अमीर-गरीब (वैकल्पिक)
- नदी-नाले (समाहार)
- यश-अपयश (वैकल्पिक)
- धन-दौलत (समाहार)
- हार-जीत (वैकल्पिक)
- अष्ट-दिग् (इतरेतर - अष्ट और दिग्)
- अहर्निश (इतरेतर - अहन् और निशा = दिन और रात)
द्वंद्व समास को समझने के लिए इन नियमों और उदाहरणों का गहन अध्ययन करें। यह आपको मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा में हिंदी अनुभाग में अच्छे अंक प्राप्त करने में सहायता करेगा।
📝 द्वंद्व समास पर आधारित MCQs
प्रश्न 1. निम्नलिखित में से कौन-सा द्वंद्व समास का उदाहरण है?
(A) बालकवाड़ी
(B) राम-लक्ष्मण
(C) जलपान
(D) विद्यावान
👉 उत्तर: (B) राम-लक्ष्मण
प्रश्न 2. 'पाप-पुण्य' समास का विग्रह क्या होगा?
(A) पाप अथवा पुण्य
(B) पाप और पुण्य
(C) पाप से पुण्य
(D) पाप के लिए पुण्य
👉 उत्तर: (A) पाप अथवा पुण्य
प्रश्न 3. 'माता-पिता' शब्द किस प्रकार के द्वंद्व समास का उदाहरण है?
(A) समाहार द्वंद्व
(B) वैकल्पिक द्वंद्व
(C) इतरेतर द्वंद्व
(D) तत्त्वरूप समास
👉 उत्तर: (C) इतरेतर द्वंद्व
प्रश्न 4. इनमें से कौन-सा शब्द समाहार द्वंद्व समास का उदाहरण है?
(A) दिन-रात
(B) सुख-दुख
(C) दाल-रोटी
(D) राम-कृष्ण
👉 उत्तर: (C) दाल-रोटी
प्रश्न 5. 'अहर्निश' शब्द का सही विग्रह है:
(A) अहं + निशा = मैं और रात्रि
(B) अहन् + निशा = दिन और रात
(C) अहन् + निश्चय = दिन का निश्चय
(D) अहा + निशा = अद्भुत रात्रि
👉 उत्तर: (B) अहन् + निशा = दिन और रात
प्रश्न 6. 'सुख-दुख' किस प्रकार का द्वंद्व समास है?
(A) इतरेतर द्वंद्व
(B) समाहार द्वंद्व
(C) वैकल्पिक द्वंद्व
(D) कोई नहीं
👉 उत्तर: (C) वैकल्पिक द्वंद्व
प्रश्न 7. ‘हाथ-पैर’ किस प्रकार के द्वंद्व समास का उदाहरण है?
(A) समाहार द्वंद्व
(B) इतरेतर द्वंद्व
(C) कर्मधारय
(D) तत्पुरुष
👉 उत्तर: (A) समाहार द्वंद्व
प्रश्न 8. निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द द्वंद्व समास नहीं है?
(A) धर्म-अधर्म
(B) घर-द्वार
(C) उपदेश
(D) भाई-बहन
👉 उत्तर: (C) उपदेश
प्रश्न 9. 'थोड़ा-बहुत' का सही विग्रह क्या है?
(A) थोड़ा और बहुत
(B) थोड़ा या बहुत
(C) थोड़ा से बहुत
(D) थोड़ा का बहुत
👉 उत्तर: (B) थोड़ा या बहुत
प्रश्न 10. 'देव-दानव' में कौन-सा द्वंद्व समास है?
(A) वैकल्पिक द्वंद्व
(B) समाहार द्वंद्व
(C) इतरेतर द्वंद्व
(D) संयुक्त द्वंद्व
👉 उत्तर: (C) इतरेतर द्वंद्व
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