सामाजिक विज्ञान - इतिहास: जैन, वैष्णव, शैव धर्म
यह तीनों धर्म भारत के प्राचीन और महत्वपूर्ण धर्म हैं, जिन्होंने भारतीय संस्कृति, कला और दर्शन को गहराई से प्रभावित किया है। मध्य प्रदेश भी इन धर्मों के विकास और प्रसार का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।
1. जैन धर्म (Jainism)
जैन धर्म भारत के सबसे प्राचीन धर्मों में से एक है, जिसकी उत्पत्ति छठी शताब्दी ईसा पूर्व में हुई मानी जाती है। यह अपने कठोर तप, अहिंसा और आत्म-नियंत्रण के सिद्धांतों के लिए जाना जाता है।
मुख्य सिद्धांत एवं अवधारणाएँ:
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तीर्थंकर: जैन धर्म में 24 तीर्थंकर हुए हैं, जिन्होंने मोक्ष का मार्ग प्रशस्त किया।
- प्रथम तीर्थंकर: ऋषभदेव (आदिनाथ)।
- 23वें तीर्थंकर: पार्श्वनाथ।
- 24वें एवं अंतिम तीर्थंकर: महावीर स्वामी (वर्धमान)। इन्हें जैन धर्म का वास्तविक संस्थापक माना जाता है।
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त्रिरत्न: जैन धर्म के मोक्ष मार्ग के तीन आधारभूत सिद्धांत:
- सम्यक् दर्शन (सही विश्वास): जैन सिद्धांतों में दृढ़ विश्वास।
- सम्यक् ज्ञान (सही ज्ञान): वास्तविक और पूर्ण ज्ञान।
- सम्यक् आचरण (सही आचरण): सही व्यवहार और नैतिक जीवन।
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पंच महाव्रत: जैन भिक्षुओं के लिए पाँच मुख्य व्रत:
- अहिंसा: किसी भी जीव को कष्ट न पहुँचाना।
- सत्य: हमेशा सच बोलना।
- अस्तेय: चोरी न करना (बिना अनुमति कोई वस्तु न लेना)।
- अपरिग्रह: आवश्यकता से अधिक वस्तुओं का संग्रह न करना।
- ब्रह्मचर्य: इंद्रियों पर नियंत्रण (महावीर द्वारा जोड़ा गया)।
- (गृहस्थों के लिए ये अणुव्रत के रूप में होते हैं, जो कम कठोर होते हैं।)
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अनेकांतवाद (स्यादवाद): यह बताता है कि सत्य के कई पहलू होते हैं और कोई भी एक दृष्टिकोण पूर्ण सत्य नहीं हो सकता। "स्यात्" का अर्थ है "शायद" या "किसी अपेक्षा से"।
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आत्म-शुद्धि और मोक्ष: जैन धर्म का अंतिम लक्ष्य कर्मों से मुक्ति पाकर आत्मा की शुद्धि और मोक्ष प्राप्त करना है।
उदाहरण/मध्य प्रदेश में जैन धर्म:
- खजुराहो के जैन मंदिर: छतरपुर जिले में स्थित खजुराहो के मंदिर समूह में कई जैन मंदिर भी हैं, जो अपनी वास्तुकला और मूर्तिकला के लिए प्रसिद्ध हैं। इनमें पार्श्वनाथ मंदिर, आदिनाथ मंदिर आदि प्रमुख हैं।
- गोम्मटगिरि, इंदौर: यहाँ भगवान बाहुबली की विशाल प्रतिमा स्थापित है और यह एक महत्वपूर्ण जैन तीर्थ स्थल है।
- पवनागिरि (सिद्धवरकूट), खरगोन: यह भी एक प्रसिद्ध जैन तीर्थ स्थल है।
- कुंडलपुर, दमोह: यहाँ बड़े बाबा (ऋषभदेव) का विशाल मंदिर है, जो एक महत्वपूर्ण जैन गजरथ तीर्थ स्थल है।
- मुक्तागिरि, बैतूल: यह भी एक प्रसिद्ध जैन तीर्थ स्थल है।
2. वैष्णव धर्म (Vaishnavism)
वैष्णव धर्म हिंदू धर्म की एक प्रमुख शाखा है जो भगवान विष्णु को सर्वोच्च ईश्वर मानती है। यह धर्म अवतारवाद के सिद्धांत पर केंद्रित है, जहाँ विष्णु विभिन्न रूपों (अवतारों) में पृथ्वी पर अवतरित होते हैं ताकि धर्म की रक्षा और दुष्टों का नाश कर सकें।
मुख्य सिद्धांत एवं अवधारणाएँ:
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भगवान विष्णु की सर्वोच्चता: वैष्णव भक्त विष्णु को सृष्टि के पालक और संरक्षक मानते हैं।
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दशावतार: विष्णु के दस प्रमुख अवतारों की अवधारणा वैष्णव धर्म का केंद्र बिंदु है:
- मत्स्य, कूर्म, वराह, नृसिंह, वामन, परशुराम, राम, कृष्ण, बुद्ध (विष्णु के अवतार के रूप में), कल्कि (भविष्य का अवतार)।
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भक्ति: वैष्णव धर्म में ईश्वर के प्रति प्रेम और भक्ति पर विशेष जोर दिया जाता है। मोक्ष प्राप्ति का सबसे सरल मार्ग भक्ति माना जाता है।
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श्रीमद्भगवद्गीता: यह वैष्णवों का एक पवित्र ग्रंथ है, जिसमें भगवान कृष्ण (विष्णु के अवतार) द्वारा अर्जुन को दिए गए उपदेश हैं। यह कर्मयोग, ज्ञानयोग और भक्तियोग का दर्शन प्रस्तुत करता है।
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अहिंसा और परोपकार: वैष्णव धर्म में जीवों के प्रति दया, अहिंसा और परोपकार की भावना को महत्व दिया जाता है।
उदाहरण/मध्य प्रदेश में वैष्णव धर्म:
- खजुराहो के विष्णु मंदिर: खजुराहो में स्थित लक्ष्मण मंदिर और चतुर्भुज मंदिर जैसे कई मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित हैं, जिनमें उनकी विभिन्न अवतारों की सुंदर प्रतिमाएँ हैं।
- विदिशा का वराह मंदिर: यह मंदिर गुप्तकालीन कला का उत्कृष्ट उदाहरण है और इसमें भगवान विष्णु के वराह अवतार की विशाल प्रतिमा है।
- उदयगिरि गुफाएँ, विदिशा: गुप्त काल की ये गुफाएँ वैष्णव धर्म से संबंधित मूर्तियों और शिलालेखों के लिए प्रसिद्ध हैं, जिनमें वराह अवतार का भी चित्रण है।
- ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग: यह भगवान शिव को समर्पित होने के बावजूद, यहाँ पर विष्णु के कई रूपों की पूजा भी होती है और इसे वैष्णव तीर्थ के रूप में भी देखा जाता है।
- ओरछा के राम राजा मंदिर: ओरछा में स्थित यह मंदिर भगवान राम को समर्पित है और इसे एक अद्वितीय मंदिर माना जाता है जहाँ भगवान को राजा के रूप में पूजा जाता है।
3. शैव धर्म (Shaivism)
शैव धर्म हिंदू धर्म की एक अन्य प्रमुख शाखा है जो भगवान शिव को सर्वोच्च ईश्वर मानती है। शिव को ब्रह्मांड के संहारक, नर्तक, योगी और कल्याणकारी देवता के रूप में पूजा जाता है।
मुख्य सिद्धांत एवं अवधारणाएँ:
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भगवान शिव की सर्वोच्चता: शैव भक्त शिव को ब्रह्मांड के निर्माता, पालक और संहारक मानते हैं। वे उन्हें निराकार ब्रह्म और साकार ईश्वर दोनों रूपों में पूजते हैं।
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लिंग पूजा: शिव की पूजा प्रायः 'लिंग' (प्रतीकात्मक रूप) के रूप में की जाती है, जो उनकी अनादि और अनंत प्रकृति का प्रतीक है।
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ज्योतिर्लिंग: भारत में शिव के 12 ज्योतिर्लिंग हैं, जो अत्यंत पवित्र माने जाते हैं।
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तंत्र और योग: शैव धर्म में योग और तंत्र विद्या का गहरा महत्व है। शिव को आदि योगी और तंत्र का जनक माना जाता है।
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भस्म और रुद्राक्ष: शैव अनुयायी प्रायः अपने शरीर पर भस्म लगाते हैं और रुद्राक्ष की माला पहनते हैं।
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सृष्टि, स्थिति और संहार: शैव दर्शन में शिव को तीनों कार्यों (उत्पत्ति, पालन और संहार) का नियंत्रक माना जाता है।
उदाहरण/मध्य प्रदेश में शैव धर्म:
- ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग, खंडवा: यह मध्य प्रदेश के दो ज्योतिर्लिंगों में से एक है और नर्मदा नदी के तट पर स्थित एक महत्वपूर्ण शैव तीर्थ स्थल है।
- महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, उज्जैन: यह भी मध्य प्रदेश के दो ज्योतिर्लिंगों में से एक है और यह एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है। यहाँ की भस्म आरती विश्व प्रसिद्ध है।
- खजुराहो के कंदरिया महादेव मंदिर: खजुराहो में स्थित यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और अपनी भव्यता तथा कामुक मूर्तियों के लिए जाना जाता है।
- भोजपुर का शिव मंदिर, रायसेन: परमार राजा भोज द्वारा निर्मित यह मंदिर एक विशाल शिवलिंग के लिए प्रसिद्ध है, जिसे "भोजेश्वर महादेव" भी कहा जाता है। इसे "उत्तर भारत का सोमनाथ" भी कहा जाता है।
- पशुपतिनाथ मंदिर, मंदसौर: यहाँ अष्टमुखी शिवलिंग है, जो पशुपतिनाथ के रूप में पूजे जाते हैं।
- बेतवा नदी के किनारे और अन्य प्राचीन स्थल: मध्य प्रदेश में कई प्राचीन स्थलों पर शिव मंदिर और शिवलिंग पाए जाते हैं, जो शैव धर्म की प्राचीनता और व्यापकता को दर्शाते हैं।
परीक्षा हेतु तैयारी के लिए महत्वपूर्ण सुझाव:
- मुख्य अवधारणाएँ याद करें: प्रत्येक धर्म के मुख्य सिद्धांतों, महत्वपूर्ण व्यक्तियों और पवित्र ग्रंथों को याद करें।
- मध्य प्रदेश का संदर्भ: विशेष रूप से मध्य प्रदेश में इन धर्मों से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों, मंदिरों और मूर्तियों पर ध्यान दें। यह आपके लिए महत्वपूर्ण हो सकता है क्योंकि आप मध्य प्रदेश की परीक्षा दे रहे हैं।
- समय-रेखा (Timeline): प्रत्येक धर्म की उत्पत्ति और विकास के कालक्रम को समझें।
- तुलनात्मक अध्ययन: इन धर्मों के बीच समानताओं और भिन्नताओं को समझने का प्रयास करें। उदाहरण के लिए, अहिंसा का सिद्धांत जैन और वैष्णव दोनों में महत्वपूर्ण है, लेकिन उसकी व्याख्या में अंतर है।
- मैप वर्क: मध्य प्रदेश के नक्शे पर इन धर्मों से संबंधित प्रमुख स्थानों को चिह्नित करने का अभ्यास करें।
- वस्तुनिष्ठ प्रश्न: इन विषयों से संबंधित वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का अभ्यास करें ताकि आप परीक्षा पैटर्न से परिचित हो सकें।
✅ जैन, वैष्णव, शैव – 20 महत्वपूर्ण MCQs:
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जैन धर्म के संस्थापक माने जाते हैं –
A. महावीर
B. पार्श्वनाथ
C. ऋषभदेव
D. बुद्ध
उत्तर: C. ऋषभदेव -
जैन धर्म के अंतिम तीर्थंकर कौन थे?
A. पार्श्वनाथ
B. महावीर
C. ऋषभदेव
D. सुमति नाथ
उत्तर: B. महावीर -
महावीर का जन्म हुआ था –
A. लुम्बिनी में
B. वैशाली में
C. कुंडग्राम में
D. पाटलिपुत्र में
उत्तर: C. कुंडग्राम में -
शैव धर्म में पूजा की जाती है –
A. विष्णु की
B. शिव की
C. ब्रह्मा की
D. गणेश की
उत्तर: B. शिव की -
वैकुण्ठ किस देवता का लोक माना जाता है?
A. ब्रह्मा
B. इन्द्र
C. विष्णु
D. शिव
उत्तर: C. विष्णु -
शैव धर्म का सबसे प्रमुख प्रतीक क्या है?
A. त्रिशूल
B. चक्र
C. शिवलिंग
D. घंटा
उत्तर: C. शिवलिंग -
भगवान विष्णु के किस अवतार ने महाभारत में भूमिका निभाई?
A. राम
B. कृष्ण
C. नरसिंह
D. बुद्ध
उत्तर: B. कृष्ण -
अहिंसा का सख्ती से पालन किस धर्म में किया जाता है?
A. शैव
B. जैन
C. वैष्णव
D. बौद्ध
उत्तर: B. जैन -
विष्णु के दशावतार में सबसे पहला अवतार है –
A. वामन
B. मत्स्य
C. कूर्म
D. वराह
उत्तर: B. मत्स्य -
शैव संप्रदाय में नंदी किसका वाहन माना जाता है?
A. विष्णु
B. गणेश
C. शिव
D. कार्तिकेय
उत्तर: C. शिव -
शंख, चक्र, गदा, पद्म किनके प्रतीक हैं?
A. ब्रह्मा
B. शिव
C. विष्णु
D. सूर्य
उत्तर: C. विष्णु -
जैन धर्म में सबसे प्रमुख ग्रंथ कौन सा है?
A. त्रिपिटक
B. अंग
C. वेद
D. पुराण
उत्तर: B. अंग -
'नवकार मंत्र' किस धर्म का पवित्र मंत्र है?
A. बौद्ध
B. वैदिक
C. जैन
D. शैव
उत्तर: C. जैन -
जैन धर्म के अनुयायी साधु किस प्रकार का वस्त्र पहनते हैं?
A. सफेद वस्त्र
B. केसरिया वस्त्र
C. नग्न अवस्था
D. हरा वस्त्र
उत्तर: C. नग्न अवस्था (दिगंबर संप्रदाय में) -
वैष्णव धर्म में भक्ति आंदोलन को किस संत ने बढ़ावा दिया?
A. शंकराचार्य
B. कबीर
C. रामानुज
D. चैतन्य महाप्रभु
उत्तर: D. चैतन्य महाप्रभु -
शैव धर्म का प्राचीनतम ग्रंथ माना जाता है –
A. वेद
B. शिवपुराण
C. भागवत गीता
D. संहिता
उत्तर: B. शिवपुराण -
जैन धर्म में “त्रिरत्न” का तात्पर्य है –
A. ज्ञान, तप, ध्यान
B. सम्यक ज्ञान, सम्यक दृष्टि, सम्यक आचरण
C. श्रद्धा, भक्ति, सेवा
D. सत्य, अहिंसा, अस्तेय
उत्तर: B. सम्यक ज्ञान, सम्यक दृष्टि, सम्यक आचरण -
‘लिंगायत’ आंदोलन किस संप्रदाय से जुड़ा है?
A. वैष्णव
B. जैन
C. शैव
D. बौद्ध
उत्तर: C. शैव -
विष्णु के वामन अवतार ने किस राक्षस को पराजित किया था?
A. हिरण्यकश्यप
B. बाणासुर
C. महिषासुर
D. बलि
उत्तर: D. बलि -
शैव, वैष्णव, शाक्त कौन से धर्म के प्रमुख रूप हैं?
A. बौद्ध धर्म
B. वैदिक धर्म
C. हिंदू धर्म
D. जैन धर्म
उत्तर: C. हिंदू धर्म
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