विज्ञान – यूनिट 14: रसायन के अंतर्गत एथेनॉल (Ethanol) और एथेनोइक अम्ल (Ethanoic Acid) के गुणधर्मों को मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 की दृष्टि से विस्तारपूर्वक और उदाहरणों सहित समझते हैं।
🧪 यूनिट – 14: रसायन
📘 एथेनॉल (C₂H₅OH) तथा एथेनोइक अम्ल (CH₃COOH) के गुणधर्म
✅ 1. एथेनॉल (Ethanol)
🔹 रासायनिक सूत्र:
\text{C}_2\text{H}_5\text{OH}
🔹 भौतिक गुण:
| गुणधर्म | विवरण |
|---|---|
| रंग | रंगहीन तरल |
| गंध | तीखी, विशिष्ट गंध |
| स्वाद | जलन पैदा करने वाला |
| वाष्पशीलता | उच्च वाष्पशीलता (जल्दी उड़ जाता है) |
| जल में विलेयता | जल में पूर्ण रूप से विलेय |
🔹 रासायनिक गुण:
- दहन (Combustion):
\text{C}_2\text{H}_5\text{OH} + 3O_2 \rightarrow 2CO_2 + 3H_2O + ऊष्मा
- सोडियम से अभिक्रिया:
\text{C}_2\text{H}_5\text{OH} + Na \rightarrow \text{C}_2\text{H}_5\text{ONa} + \frac{1}{2}H_2
- डीहाइड्रेशन (जल हटाना):
- यदि एथेनॉल को गरम किया जाए कॉन्स. H₂SO₄ की उपस्थिति में, तो यह एथीन (C₂H₄) बनाता है।
\text{C}_2\text{H}_5\text{OH} \xrightarrow{H_2SO_4, \ \Delta} \text{C}_2\text{H}_4 + H_2O
🔹 उपयोग:
- शराब के रूप में (पीने योग्य एथेनॉल – शराब)
- इंधन (फ्यूल)
- औषधियों में
- सेनिटाइज़र में (विरोधी जीवाणु गुण)
✅ 2. एथेनोइक अम्ल (Ethanoic Acid)
🔹 रासायनिक सूत्र:
\text{CH}_3\text{COOH}
🔹 भौतिक गुण:
| गुणधर्म | विवरण |
|---|---|
| रंग | रंगहीन तरल |
| गंध | तीखी (सिरके जैसी) |
| स्वाद | खट्टा |
| जल में विलेयता | पूर्ण विलेय |
🔹 रासायनिक गुण:
- सोडियम कार्बोनेट / बाइकार्बोनेट से अभिक्रिया:
\text{CH}_3\text{COOH} + NaHCO_3 \rightarrow \text{CH}_3\text{COONa} + CO_2 + H_2O
- धातुओं से अभिक्रिया (जैसे Zn):
2CH_3COOH + Zn \rightarrow (CH_3COO)_2Zn + H_2
- एस्टरीकरण (Esterification):
- एथेनोइक अम्ल और एथेनॉल की प्रतिक्रिया से एस्टर बनता है:
\text{CH}_3\text{COOH} + \text{C}_2\text{H}_5\text{OH} \xrightarrow{H^+} \text{CH}_3\text{COOC}_2\text{H}_5 + H_2O
🔹 उपयोग:
- सिरके के रूप में भोजन में
- खाद्य परिरक्षक (Food Preservative)
- रसायन उद्योग में
- एस्टर बनाने में
🔁 एथेनॉल और एथेनोइक अम्ल में अंतर:
| विशेषता | एथेनॉल (C₂H₅OH) | एथेनोइक अम्ल (CH₃COOH) |
|---|---|---|
| गंध | तीखी और मीठी | सिरके जैसी तीखी |
| स्वाद | कड़वा और जलन वाला | खट्टा |
| प्रकृति | न्यूट्रल | अम्लीय (Acidic) |
| धातुओं से अभिक्रिया | हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करता है | हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करता है |
| pH | लगभग 7 | लगभग 3-4 |
🧠 परीक्षा के लिए याद रखने योग्य बिंदु:
✅ एथेनॉल = C₂H₅OH → अल्कोहल
✅ एथेनोइक अम्ल = CH₃COOH → कार्बोक्सिलिक अम्ल
✅ एस्टरीकरण प्रतिक्रिया = अम्ल + अल्कोहल → एस्टर + जल
✅ एथेनॉल ज्वलनशील होता है → नीली ज्वाला
✅ एथेनोइक अम्ल सिरके की गंध देता है
✅ दोनों जल में विलेय होते हैं
📝 उदाहरण आधारित प्रश्न:
प्रश्न: एथेनोइक अम्ल और एथेनॉल की अभिक्रिया से क्या बनता है?
उत्तर: एस्टर और जल
प्रश्न: एथेनॉल को गरम करने पर कौन-सी गैस बनती है (H₂SO₄ की उपस्थिति में)?
उत्तर: एथीन (C₂H₄)
🧪 एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन (Aromatic Hydrocarbons)
परिभाषा:
वे हाइड्रोकार्बन जिनमें एक या अधिक बेंजीन रिंग (Benzene Ring – C₆H₆) पाई जाती हैं, उन्हें एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन कहते हैं।
मुख्य विशेषताएँ:
- इनमें एक विशेष प्रकार की वृत्ताकार संरचना होती है।
- इसमें π इलेक्ट्रॉन की संजात रचना (delocalized π electrons) होती है।
- यह यौगिक अत्यंत स्थायी होते हैं।
🔷 बेंजीन (Benzene)
🔹 रासायनिक सूत्र:
C_6H_6
🔹 संरचना:
बेंजीन की रिंग में 6 कार्बन परमाणु होते हैं, जो हेक्सागोन (षट्भुज) के रूप में जुड़े होते हैं।
हर कार्बन पर एक हाइड्रोजन जुड़ा होता है।
🔹 संजातता (Resonance):
बेंजीन में बांधों की अदला-बदली होती रहती है जिससे यह बहुत स्थायी बनता है।
इस विशेष गुण को संजातता (Resonance) कहते हैं।
📘 बेंजीन की नामपद्धति (Nomenclature of Benzene Compounds)
बेंजीन जब अन्य समूहों से जुड़ा होता है, तो उसका नामकरण अलग तरीके से होता है। नीचे कुछ मुख्य प्रकार दिए गए हैं:
✅ 1. मोनो-संयोजी बेंजीन व्युत्पन्न (Mono-substituted Benzene)
बेंजीन रिंग से एक ही समूह जुड़ा होता है।
| यौगिक | नाम |
|---|---|
| C₆H₅-CH₃ | टोल्यून (Toluene) |
| C₆H₅-NO₂ | नाइट्रोबेंजीन |
| C₆H₅-OH | फिनॉल |
| C₆H₅-Cl | क्लोरोबेंजीन |
✅ 2. डाइ-संयोजी बेंजीन व्युत्पन्न (Disubstituted Benzene)
जब दो स्थानों पर समूह जुड़ते हैं, तो स्थान संख्या या दिशा (Position) बताने के लिए ये प्रयोग होते हैं:
- Ortho (o-) → स्थिति 1,2
- Meta (m-) → स्थिति 1,3
- Para (p-) → स्थिति 1,4
| यौगिक | नाम |
|---|---|
| C₆H₄Cl₂ (1,2) | ऑर्थो-डाइक्लोरोबेंजीन |
| C₆H₄Cl₂ (1,3) | मेटा-डाइक्लोरोबेंजीन |
| C₆H₄Cl₂ (1,4) | पेरा-डाइक्लोरोबेंजीन |
🧪 बेंजीन की समावयवता (Isomerism of Benzene Derivatives)
समावयवता का अर्थ है – समान अणु सूत्र (molecular formula) वाले यौगिकों की संरचना या समूह के स्थान में अंतर होना।
🔹 बेंजीन में दो प्रमुख प्रकार की समावयवता होती है:
✅ 1. स्थान समावयवता (Position Isomerism):
जब एक ही प्रकार के दो या अधिक समूह बेंजीन रिंग पर भिन्न-भिन्न स्थानों पर जुड़ते हैं।
उदाहरण: डाइक्लोरोबेंजीन (C₆H₄Cl₂)
- 1,2-डाइक्लोरोबेंजीन → Ortho
- 1,3-डाइक्लोरोबेंजीन → Meta
- 1,4-डाइक्लोरोबेंजीन → Para
✅ 2. श्रृंखला समावयवता (Chain Isomerism):
यदि बेंजीन रिंग से जुड़ा कार्बन समूह (जैसे: एथिल, प्रोपिल) अलग-अलग श्रृंखलाओं में हो।
उदाहरण:
- C₆H₅-CH₂CH₃ (एथिलबेंजीन)
- C₆H₅-CH(CH₃)₂ (आइसोप्रोपिलबेंजीन)
🧠 परीक्षा दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु:
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| बेंजीन का सूत्र | C₆H₆ |
| रिंग में कितने कार्बन | 6 कार्बन, 6 हाइड्रोजन |
| नामपद्धति में दिशा | Ortho (1,2), Meta (1,3), Para (1,4) |
| मुख्य व्युत्पन्न | टोल्यून, नाइट्रोबेंजीन, फिनॉल, एनिलीन |
| समावयव प्रकार | स्थान और श्रृंखला समावयवता |
📝 उदाहरण आधारित प्रश्न:
प्रश्न 1: बेंजीन में दो क्लोरीन परमाणु 1 और 4 स्थिति पर हों, तो उसका नाम होगा –
उत्तर: पेरा-डाइक्लोरोबेंजीन
प्रश्न 2: टोल्यून का रासायनिक नाम क्या है?
उत्तर: मिथाइलबेंजीन (C₆H₅-CH₃)
विज्ञान (रसायन) विषय के अंतर्गत दो महत्वपूर्ण टॉपिकों से संबंधित 10-10 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs) –
1. एथेनॉल तथा एथेनोइक अम्ल के गुणधर्म
2. एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन – बेंजीन
🔹 भाग 1: एथेनॉल तथा एथेनोइक अम्ल के गुणधर्म – 10 MCQs
Q1. एथेनॉल का रासायनिक सूत्र क्या है?
A. C₂H₄
B. C₂H₆
C. C₂H₅OH
D. CH₃COOH
उत्तर: C. C₂H₅OH
Q2. एथेनोइक अम्ल को सामान्यतः क्या कहते हैं?
A. सिट्रिक अम्ल
B. सिरका अम्ल
C. फॉर्मिक अम्ल
D. ऑक्सालिक अम्ल
उत्तर: B. सिरका अम्ल
Q3. एथेनॉल का उपयोग निम्नलिखित में से किसमें किया जाता है?
A. खाद्य रंग
B. ईंधन
C. उर्वरक
D. गोंद
उत्तर: B. ईंधन
Q4. एथेनोइक अम्ल का pH मान कैसा होता है?
A. 1
B. 3-4
C. 7
D. 10
उत्तर: B. 3-4
Q5. एथेनोइक अम्ल का रासायनिक सूत्र क्या है?
A. C₂H₅OH
B. CH₃COOH
C. HCOOH
D. C₃H₇OH
उत्तर: B. CH₃COOH
Q6. जब एथेनॉल को सोडियम धातु से क्रिया कराई जाती है, तो उत्पन्न गैस होती है –
A. ऑक्सीजन
B. हाइड्रोजन
C. नाइट्रोजन
D. कार्बन डाइऑक्साइड
उत्तर: B. हाइड्रोजन
Q7. सिरके की तीखी गंध किस कारण होती है?
A. एथेनॉल
B. एसिटिक एसिड
C. हाइड्रोक्लोरिक एसिड
D. अमोनिया
उत्तर: B. एसिटिक एसिड
Q8. एथेनॉल और एथेनोइक अम्ल की प्रतिक्रिया से कौन सा यौगिक बनता है?
A. अम्ल
B. एस्टर
C. एल्कीन
D. केटोन
उत्तर: B. एस्टर
Q9. एथेनॉल को गर्म करने पर क्या प्राप्त होता है?
A. एथीन
B. एथेन
C. मिथेन
D. ब्यूटेन
उत्तर: A. एथीन
Q10. एथेनॉल का जल में घुलनशीलता कैसी होती है?
A. अत्यधिक
B. कम
C. बिलकुल नहीं
D. केवल गरम पानी में
उत्तर: A. अत्यधिक
🔹 भाग 2: एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन – बेंजीन – 10 MCQs
Q1. बेंजीन का रासायनिक सूत्र क्या है?
A. C₆H₁₂
B. C₆H₆
C. C₅H₁₀
D. C₇H₈
उत्तर: B. C₆H₆
Q2. बेंजीन कितने कार्बन परमाणुओं से मिलकर बना होता है?
A. 4
B. 5
C. 6
D. 7
उत्तर: C. 6
Q3. बेंजीन का कौन-सा व्युत्पन्न ‘फिनॉल’ कहलाता है?
A. C₆H₅OH
B. C₆H₅Cl
C. C₆H₅NO₂
D. C₆H₅NH₂
उत्तर: A. C₆H₅OH
Q4. जब बेंजीन रिंग से दो समूह जुड़े हों 1 और 4 स्थान पर, उसे क्या कहते हैं?
A. ऑर्थो
B. मेटा
C. पेरा
D. टोल्यून
उत्तर: C. पेरा
Q5. टोल्यून का रासायनिक नाम है –
A. नाइट्रोबेंजीन
B. मिथाइलबेंजीन
C. हाइड्रोक्सीबेंजीन
D. क्लोरोबेंजीन
उत्तर: B. मिथाइलबेंजीन
Q6. बेंजीन की संरचना कैसी होती है?
A. खुली श्रृंखला
B. रैखिक
C. षट्भुजाकार
D. पंचभुजाकार
उत्तर: C. षट्भुजाकार
Q7. बेंजीन की सबसे प्रमुख विशेषता क्या है?
A. अस्थिर
B. अत्यधिक संक्रिय
C. संजात संरचना (Resonance)
D. अम्लीय प्रकृति
उत्तर: C. संजात संरचना
Q8. बेंजीन का कौन-सा यौगिक विस्फोटक होता है?
A. नाइट्रोबेंजीन
B. फिनॉल
C. टोल्यून
D. एनिलीन
उत्तर: A. नाइट्रोबेंजीन
Q9. बेंजीन से जुड़े दो NO₂ समूह 1,3 स्थिति पर हैं, यह है –
A. ऑर्थो-डाइनाइट्रोबेंजीन
B. मेटा-डाइनाइट्रोबेंजीन
C. पेरा-डाइनाइट्रोबेंजीन
D. ट्राइ-नाइट्रोबेंजीन
उत्तर: B. मेटा-डाइनाइट्रोबेंजीन
Q10. बेंजीन से संबंधित यौगिकों को क्या कहते हैं?
A. ऐलिफैटिक यौगिक
B. अम्ल
C. एरोमैटिक यौगिक
D. एल्कोहल
उत्तर: C. एरोमैटिक यौगिक
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