🧭 यूनिट 17: मृदा संरचना एवं संरक्षण
(मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 हेतु विशेष अध्ययन सामग्री)
🌱 मृदा संरचना (Soil Composition or Structure)
🔶 मृदा की परिभाषा:
मृदा एक प्राकृतिक संसाधन है, जो चट्टानों के विघटन, कार्बनिक पदार्थ, जल, वायु और सूक्ष्म जीवों के मिश्रण से बनी होती है। यह पादपों (पौधों) की वृद्धि के लिए आवश्यक आधार है।
🔶 मृदा के घटक:
- खनिज पदार्थ (Minerals) – 45%
- जैविक पदार्थ (Organic Matter) – 5%
- जल (Water) – 25%
- वायु (Air) – 25%
🔷 भारत में पाई जाने वाली प्रमुख मृदाएं:
| प्रकार | विशेषता | प्रमुख क्षेत्र |
|---|---|---|
| जलोढ़ मिट्टी | उपजाऊ, हल्की, अच्छी जल धारण क्षमता | गंगा-यमुना के मैदान |
| काली मिट्टी | कपास के लिए श्रेष्ठ, चिकनी, गहरी | महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश |
| लाल मिट्टी | लोहे की अधिकता, अम्लीय स्वभाव | छत्तीसगढ़, उड़ीसा, झारखंड |
| लेटराइट मिट्टी | अधिक वर्षा वाले क्षेत्र, कम उपजाऊ | केरल, कर्नाटक, असम |
| मरुस्थलीय मिट्टी | बालूयुक्त, जल धारण कम | राजस्थान, गुजरात |
| पहाड़ी मिट्टी | खुरदरी, कम उर्वरक | उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम |
🛡️ मृदा संरक्षण (Soil Conservation)
🔶 परिभाषा:
मृदा संरक्षण उन सभी उपायों का समूह है, जिनसे मृदा की उर्वरता बनाए रखी जाती है और कटाव या बंजर होने से रोका जाता है।
🔷 मृदा क्षरण (Soil Erosion) के कारण:
- वनों की कटाई (Deforestation)
- अधिक चराई (Overgrazing)
- अव्यवस्थित कृषि प्रणाली
- जल व पवन अपरदन (Water & Wind erosion)
🔷 मृदा संरक्षण के उपाय:
-
आड़ी जुताई (Contour Ploughing):
खेतों की ढलान के विपरीत दिशा में जुताई कर जल बहाव को धीमा किया जाता है।
📌 उदाहरण: मध्य भारत के पठारी क्षेत्रों में यह तकनीक उपयोगी है। -
सीढ़ीदार खेती (Terrace Farming):
पहाड़ी क्षेत्रों में सीढ़ीनुमा खेत बनाकर कटाव रोका जाता है।
📌 उदाहरण: उत्तराखंड, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश। -
पवनरोधी वृक्षारोपण (Wind Breaks):
खेतों की सीमाओं पर वृक्षों की कतारें लगाई जाती हैं, जो तेज हवाओं से मिट्टी को उड़ने से बचाती हैं।
📌 उदाहरण: राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में। -
फसल चक्र (Crop Rotation):
विभिन्न प्रकार की फसलों को बारी-बारी से बोना ताकि मिट्टी की उर्वरता बनी रहे। -
हरित आवरण (Green Cover):
खाली भूमि पर घास या पौधे लगाकर मिट्टी के कटाव से बचाव। -
गुल्ली भराव (Gully Plugging):
बहते पानी से बनने वाली गहराई को भरने के लिए बाधाएं बनाई जाती हैं। -
जैविक खाद का प्रयोग:
केमिकल खाद की जगह जैविक खाद से मृदा की गुणवत्ता और उर्वरता बनी रहती है।
📌 महत्वपूर्ण उदाहरण:
🔹 "नर्मदा घाटी विकास परियोजना" में मृदा क्षरण रोकने हेतु जल संरक्षण एवं पुनः वनरोपण किया गया।
🔹 "राजस्थान की इंदिरा गांधी नहर परियोजना" ने रेगिस्तानी क्षेत्र में हरियाली बढ़ाई, जिससे मिट्टी उड़ने से रोका गया।
✅ निष्कर्ष:
मृदा संरचना और संरक्षण दोनों ही कृषि और पर्यावरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। एक शिक्षक के रूप में इनका ज्ञान बच्चों को टिकाऊ विकास (Sustainable Development) की ओर प्रेरित कर सकता है।
यहाँ "बहुद्देशीय परियोजनाएं और जल प्रबंधन" विषय को मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 की दृष्टि से विस्तारपूर्वक उदाहरणों सहित समझाया गया है:
🌊 बहुद्देशीय परियोजनाएं और जल प्रबंधन
(Multipurpose Projects and Water Management)
🔷 परिभाषा (Definition):
बहुद्देशीय परियोजनाएँ वे बड़ी जल परियोजनाएँ होती हैं जो एक साथ कई उद्देश्यों की पूर्ति करती हैं — जैसे सिंचाई, बिजली उत्पादन, जल आपूर्ति, बाढ़ नियंत्रण, मछली पालन और पर्यटन।
🔷 प्रमुख उद्देश्यों (Main Objectives):
- सिंचाई – कृषि भूमि में पानी पहुँचाना।
- जल विद्युत उत्पादन – बाँधों में लगे टरबाइन से बिजली बनाना।
- पेयजल आपूर्ति – शुद्ध जल का प्रबंध।
- बाढ़ नियंत्रण – वर्षा ऋतु में जल को संग्रहित करना।
- जल परिवहन – नौपरिवहन के लिए सहायक।
- मछली पालन व पर्यटन – आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना।
🔷 उदाहरण (Examples of Major Projects):
| परियोजना का नाम | नदी | राज्य | विशेषता |
|---|---|---|---|
| भाखड़ा नागल | सतलुज | पंजाब/हिमाचल | बिजली व सिंचाई |
| हिराकुंड बाँध | महानदी | ओडिशा | एशिया का सबसे लंबा मिट्टी का बाँध |
| तुंगभद्रा परियोजना | तुंगभद्रा | कर्नाटक | सिंचाई और जल आपूर्ति |
| सरदार सरोवर बाँध | नर्मदा | गुजरात | पेयजल, सिंचाई, बिजली |
| गांधी सागर बाँध | चंबल | मध्य प्रदेश | बिजली उत्पादन व बाढ़ नियंत्रण |
🔷 जल प्रबंधन (Water Management):
जल प्रबंधन का अर्थ है — जल संसाधनों का संरक्षण, वितरण और उचित उपयोग करना।
✅ जल प्रबंधन के उपाय:
- वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting)
- ड्रिप सिंचाई व स्प्रिंकलर सिस्टम
- टपक सिंचाई (कम पानी में फसलें उगाना)
- नहरों की मरम्मत और पुनर्रचना
- तालाबों, झीलों का संरक्षण
🧠 महत्वपूर्ण तथ्य (Key Facts):
- राष्ट्रीय जल नीति पहली बार 1987 में बनी।
- बहुद्देशीय परियोजनाओं में बाँध मुख्य आधार होते हैं।
- जल को "जीवन का मूल" माना जाता है, इसके प्रबंधन से समाज व अर्थव्यवस्था दोनों को लाभ होता है।
📘 निष्कर्ष (Conclusion):
भारत जैसे कृषि-प्रधान देश के लिए जल प्रबंधन और बहुद्देशीय परियोजनाएं अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ये न केवल कृषि को बढ़ावा देती हैं बल्कि ग्रामीण विकास, उद्योग और पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक हैं।
✅ I. मृदा संरचना एवं संरक्षण – 20 वन लाइनर प्रश्न-उत्तर
| क्रम | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 1. | भारत में कितने प्रकार की मुख्य मृदाएँ पाई जाती हैं? | छह प्रकार की |
| 2. | जलोढ़ मृदा किस नदी घाटी में पाई जाती है? | गंगा-ब्रह्मपुत्र घाटी |
| 3. | काली मिट्टी को और क्या कहते हैं? | रेगुर मिट्टी |
| 4. | काली मिट्टी किस फसल के लिए उपयुक्त है? | कपास |
| 5. | लाल मिट्टी का रंग क्यों लाल होता है? | लौह ऑक्साइड की अधिकता से |
| 6. | मरुस्थली मृदा कहाँ पाई जाती है? | राजस्थान |
| 7. | मृदा अपरदन का मुख्य कारण क्या है? | वर्षा और तेज हवा |
| 8. | मृदा संरक्षण का एक प्रमुख तरीका क्या है? | वृक्षारोपण |
| 9. | टेरेस खेती किस क्षेत्र में उपयोगी होती है? | पर्वतीय क्षेत्रों में |
| 10. | बाँध बनाकर मृदा संरक्षण क्यों किया जाता है? | जल बहाव को रोकने के लिए |
| 11. | बलुई मिट्टी जल को कैसे ग्रहण करती है? | जल्दी अवशोषित करती है |
| 12. | जलोढ़ मिट्टी किसे कहते हैं? | नदियों द्वारा लाई गई उपजाऊ मिट्टी |
| 13. | पीली मिट्टी कहाँ पाई जाती है? | पूर्वोत्तर भारत |
| 14. | लाल मृदा को उपजाऊ बनाने के लिए क्या करना पड़ता है? | खाद व उर्वरक डालना |
| 15. | मृदा का क्षरण किसे कहते हैं? | मिट्टी का बह जाना |
| 16. | शुष्क क्षेत्रों की प्रमुख मिट्टी कौन-सी है? | मरुस्थली मृदा |
| 17. | मृदा का निर्माण किन कारणों से होता है? | अपक्षय और प्राकृतिक क्रियाओं से |
| 18. | मृदा संरक्षण में कंटूर हल चलाना क्या है? | ढलान के विपरीत खेत जोतना |
| 19. | चट्टानों के टूटने से किसका निर्माण होता है? | मिट्टी |
| 20. | मृदा की उर्वरता बढ़ाने का उपाय क्या है? | जैविक खाद और फसल चक्र अपनाना |
✅ II. बहुद्देशीय परियोजनाएं और जल प्रबंधन – 20 वन लाइनर प्रश्न-उत्तर
| क्रम | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 1. | बहुद्देशीय परियोजना क्या होती है? | एक परियोजना जो कई कार्य करती है |
| 2. | भाखड़ा-नांगल बाँध किस नदी पर है? | सतलुज |
| 3. | हिराकुंड परियोजना किस राज्य में है? | ओडिशा |
| 4. | सरदार सरोवर बाँध किस नदी पर है? | नर्मदा |
| 5. | जल विद्युत किससे उत्पन्न होती है? | जल के दबाव से |
| 6. | भारत में पहली बहुद्देशीय परियोजना कौन-सी थी? | दामोदर घाटी परियोजना |
| 7. | जल प्रबंधन का उद्देश्य क्या है? | जल का उचित उपयोग |
| 8. | वर्षा जल संचयन किससे संबंधित है? | जल संरक्षण |
| 9. | तुंगभद्रा परियोजना किस राज्य में है? | कर्नाटक |
| 10. | मछली पालन बहुद्देशीय परियोजना का कौन-सा उद्देश्य है? | आर्थिक उद्देश्य |
| 11. | बाढ़ नियंत्रण में कौन सहायक है? | बाँध |
| 12. | किस बाँध को “जीवन रेखा” कहा जाता है? | सरदार सरोवर |
| 13. | जल संरक्षण के दो तरीके कौन-से हैं? | टपक सिंचाई और रेन वाटर हार्वेस्टिंग |
| 14. | जल का संकट क्यों होता है? | अधिक उपयोग और बर्बादी से |
| 15. | गांधी सागर बाँध किस नदी पर है? | चंबल |
| 16. | जल को किस प्रकार का संसाधन कहा जाता है? | नवीकरणीय |
| 17. | पनबिजली का एक अन्य नाम क्या है? | जलविद्युत |
| 18. | बाँध किस उद्देश्य से बनाए जाते हैं? | जल संग्रहण व बिजली उत्पादन |
| 19. | टपक सिंचाई पद्धति किस फसल के लिए उपयोगी है? | सब्जियाँ और फल |
| 20. | जल नीति भारत में कब लागू हुई? | 1987 |

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