मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 के लिए
संज्ञा (Noun) एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। नीचे इसे सरल भाषा में परिभाषा, भेद, लिंग, वचन, कारक सहित विस्तार से समझाया गया है, वह भी उदाहरणों सहित।
🔷 1. संज्ञा की परिभाषा:
संज्ञा उस शब्द को कहते हैं जिससे किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, गुण, अवस्था या भाव का बोध हो।
📌 उदाहरण:
राम, फूल, भोपाल, बहादुरी, गंगा, खुशी, बच्चा, स्कूल
🔷 2. संज्ञा के भेद (3 प्रमुख प्रकार):
🟢 (क) जातिवाचक संज्ञा (Common Noun):
जो किसी जाति, वर्ग या समूह का बोध कराए।
📌 उदाहरण:
लड़का, लड़की, नदी, शहर, पक्षी, पेड़, छात्र, गाय, शिक्षक, बच्चा
🟢 (ख) व्यक्तिवाचक संज्ञा (Proper Noun):
जो किसी विशेष व्यक्ति, स्थान या वस्तु का नाम हो।
📌 उदाहरण:
राम, सीता, भोपाल, भारत, गंगा, ताजमहल, लक्ष्मीबाई, पृथ्वी, हनुमान, गीता
🟢 (ग) भाववाचक संज्ञा (Abstract Noun):
जो किसी गुण, भाव या अवस्था का बोध कराए। इसे देखा नहीं जा सकता, केवल अनुभव किया जा सकता है।
📌 उदाहरण:
प्रेम, घृणा, बहादुरी, सच्चाई, बचपन, दुःख, ईमानदारी, दया, निडरता, भूख
🔷 3. लिंग (Gender):
लिंग से यह पता चलता है कि संज्ञा स्त्रीलिंग है या पुल्लिंग।
🟢 (क) पुल्लिंग (Masculine Gender):
जिससे पुरुष जाति का बोध हो।
📌 उदाहरण:
राजा, लड़का, बेटा, शिक्षक, भाई, छात्र, गायक, मित्र, सेनानी, किसान
🟢 (ख) स्त्रीलिंग (Feminine Gender):
जिससे स्त्री जाति का बोध हो।
📌 उदाहरण:
रानी, लड़की, बेटी, शिक्षिका, बहन, छात्रा, गायिका, सहेली, दुल्हन, महिला
🔷 4. वचन (Number):
वचन से यह पता चलता है कि संज्ञा एक है या अनेक।
🟢 (क) एकवचन (Singular):
जब संज्ञा एकवचन में हो यानी एक व्यक्ति या वस्तु का बोध हो।
📌 उदाहरण:
पुस्तक, लड़का, पक्षी, बच्चा, पेड़, टोपी, लड़की, फूल, घोड़ा, नदी
🟢 (ख) बहुवचन (Plural):
जब संज्ञा बहुवचन में हो यानी एक से अधिक व्यक्तियों या वस्तुओं का बोध हो।
📌 उदाहरण:
पुस्तकें, लड़के, पक्षी, बच्चे, पेड़, टोपियाँ, लड़कियाँ, फूलों, घोड़े, नदियाँ
🔷 5. कारक (Case):
कारक वह होता है जो यह बताता है कि संज्ञा वाक्य में किस कार्य में प्रयोग हो रही है। हिंदी में 7 कारक होते हैं।
🟢 (1) कर्ता कारक (ने):
जो कार्य करता है।
📌 उदाहरण: राम ने पढ़ाई की।
🟢 (2) कर्म कारक (को):
जिस पर कार्य होता है।
📌 उदाहरण: मैंने छात्र को बुलाया।
🟢 (3) करण कारक (से):
जिससे कार्य होता है।
📌 उदाहरण: उसने छड़ी से मारा।
🟢 (4) सम्प्रदान कारक (को / के लिए):
जिसके लिए कार्य होता है।
📌 उदाहरण: मैंने बहन को तोहफा दिया।
🟢 (5) अपादान कारक (से):
जिससे अलगाव हो।
📌 उदाहरण: वह गांव से आया।
🟢 (6) संबंध कारक (का / की / के):
जो संबंध प्रकट करता है।
📌 उदाहरण: यह राम का घर है।
🟢 (7) अधिकरण कारक (में / पर):
जिसमें या जिस पर कार्य होता है।
📌 उदाहरण: वह कमरे में बैठा है।
✅ निष्कर्ष (Conclusion):
संज्ञा एक मूलभूत व्याकरणिक तत्व है, जिससे भाषा में नामकरण होता है। परीक्षा में संज्ञा के भेद, लिंग, वचन और कारक से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे जाते हैं।
मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 के दृष्टिकोण से कारक एक अत्यंत महत्वपूर्ण व्याकरणिक विषय है।
यहाँ सातों कारकों को सरल भाषा में, परिभाषा + चिन्ह + 10-10 उदाहरण सहित विस्तारपूर्वक समझाया गया है —
🔷 कारक (Kaarak) क्या होता है?
परिभाषा:
संज्ञा या सर्वनाम का वाक्य में जो अन्य शब्दों से संबंध होता है, उसे कारक कहते हैं।
हिंदी में कुल 7 कारक होते हैं।
✅ 1. कर्ता कारक (ने):
परिभाषा:
जो कार्य करता है, वह कर्ता होता है।
चिन्ह: ने
📌 उदाहरण:
- राम ने खाना खाया।
- सीता ने कहानी सुनाई।
- मोहन ने गेंद फेंकी।
- राधा ने कविता लिखी।
- शिक्षक ने बच्चों को पढ़ाया।
- लड़के ने पंखा चलाया।
- गाय ने बछड़े को चाटा।
- किसान ने खेत जोता।
- छात्रा ने उत्तर दिया।
- बच्ची ने चित्र बनाया।
✅ 2. कर्म कारक (को):
परिभाषा:
जिस पर कार्य होता है, वह कर्म कहलाता है।
चिन्ह: को
📌 उदाहरण:
- राम ने सीता को बुलाया।
- मैंने पुस्तक को पढ़ा।
- माँ ने बेटे को प्यार किया।
- वह मुझे को जानता है।
- शिक्षक ने छात्र को डाँटा।
- उसने पड़ोसी को चिट्ठी दी।
- राधा ने गाय को चारा दिया।
- पिता ने बेटी को स्कूल भेजा।
- भाई ने बहन को मिठाई दी।
- सोनू ने मोहन को देखा।
✅ 3. करण कारक (से):
परिभाषा:
जिससे कार्य किया जाता है, वह करण कारक कहलाता है।
चिन्ह: से
📌 उदाहरण:
- राम ने छड़ी से मारा।
- मैंने कलम से लिखा।
- माँ ने झाड़ू से सफाई की।
- उसने हँसी से बात टाल दी।
- मजदूर ने हथौड़ी से मारा।
- बहन ने प्यार से समझाया।
- माली ने फावड़े से गड्ढा खोदा।
- राधा ने चाकू से फल काटा।
- पंखा हवा से ठंडक देता है।
- सिपाही ने बंदूक से गोली चलाई।
✅ 4. सम्प्रदान कारक (को / के लिए):
परिभाषा:
जिसे कोई वस्तु दी जाए या जिसके लिए कोई कार्य किया जाए।
चिन्ह: को / के लिए
📌 उदाहरण:
- माँ ने बेटे को खिलौना दिया।
- मैंने दोस्त को किताब दी।
- पिताजी ने बहन के लिए गहने खरीदे।
- उसने राधा को पत्र लिखा।
- मैं शिक्षक को उत्तर दे रहा हूँ।
- हमने किसान को अनाज दिया।
- दादी ने पोते के लिए मिठाई मंगाई।
- उन्होंने गरीबों के लिए कपड़े दान किए।
- माँ ने पिता के लिए खाना बनाया।
- बहन ने भाई को राखी बाँधी।
✅ 5. अपादान कारक (से):
परिभाषा:
जिससे अलगाव या दूरी का बोध हो।
चिन्ह: से
📌 उदाहरण:
- वह गाँव से आया।
- मैं स्कूल से लौट रहा हूँ।
- वह पिता से डरता है।
- बच्चा माँ से दूर नहीं रह सकता।
- मोहन घर से भाग गया।
- पानी नदी से लाया गया।
- वह दुख से टूटा हुआ था।
- राम ने काम बंधन से मुक्त किया।
- पक्षी पिंजरे से उड़ गया।
- उसने मोह से नाता तोड़ लिया।
✅ 6. संबंध कारक (का / की / के):
परिभाषा:
जो संबंध प्रकट करता है।
चिन्ह: का, की, के
📌 उदाहरण:
- यह राम का घर है।
- यह राधा की किताब है।
- बच्चों के खिलौने टूट गए।
- माता की ममता अमूल्य है।
- शिक्षक का कर्तव्य महान है।
- गाय का दूध पौष्टिक होता है।
- पिता की घड़ी चोरी हो गई।
- भाई के कपड़े धो दिए गए।
- दोस्त की सलाह सही थी।
- माली के फूल सुंदर थे।
✅ 7. अधिकरण कारक (में / पर):
परिभाषा:
जिसमें, जिस स्थान पर या जिस माध्यम से कार्य हो।
चिन्ह: में / पर
📌 उदाहरण:
- बच्चा स्कूल में पढ़ता है।
- किताब मेज पर रखी है।
- राम घर में सोया था।
- पक्षी पेड़ पर बैठा है।
- फूल बगीचे में खिले हैं।
- लड़का कुर्सी पर बैठा है।
- खाना थाली में रखा है।
- चित्र दीवार पर टांगा गया।
- गाड़ी गेट में खड़ी है।
- बच्चे ज़मीन पर खेल रहे हैं।
✍️ निष्कर्ष:
- प्रत्येक कारक का प्रयोग वाक्य की रचना और अर्थ को स्पष्ट करता है।
- परीक्षा में अक्सर कारक पहचानने, रिक्त स्थान भरने, या अशुद्ध वाक्य सुधारने जैसे प्रश्न पूछे जाते हैं।
- अभ्यास के लिए इन उदाहरणों को बार-बार दोहराएं।

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