17th Day । हिंदी भाषा



ज़रूर, मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 के लिए हिंदी भाषा में विभक्ति को विस्तारपूर्वक उदाहरणों सहित समझने में आपकी सहायता कर सकता हूँ।
सबसे पहले, आइए समझते हैं कि विभक्ति क्या है।

विभक्ति (Case Markers)
विभक्ति वे प्रत्यय या चिह्न होते हैं जो किसी वाक्य में संज्ञा, सर्वनाम या विशेषण का संबंध क्रिया या अन्य पदों से जोड़ते हैं। ये शब्द के बाद आते हैं और बताते हैं कि उस शब्द का वाक्य में क्या कार्य है।
सरल शब्दों में, विभक्ति कारक को व्यक्त करती है। कारक संज्ञा या सर्वनाम का वह रूप है जो उसे क्रिया से या वाक्य के अन्य शब्दों से जोड़ता है।
हिंदी में मुख्य रूप से 8 कारक और उनकी विभक्तियाँ होती हैं:

कारक (Case) विभक्ति (Case Marker) चिह्न (Symbol) उदाहरण (Example)
1. कर्ता कारक ने - राम ने खाना खाया।
2. कर्म कारक को - माँ ने बच्चे को बुलाया।
3. करण कारक से, के द्वारा - वह कलम से लिखता है।
4. संप्रदान कारक को, के लिए - मैंने गरीबों को दान दिया।
5. अपादान कारक से (अलग होने का भाव) पेड़ से पत्ता गिरता है।
6. संबंध कारक का, की, के, रा, री, रे, ना, नी, ने - यह राम की किताब है।
7. अधिकरण कारक में, पर - मेज पर पुस्तक रखी है।
8. संबोधन कारक हे, अरे, ओ - हे भगवान, मेरी रक्षा करो।

आइए, अब प्रत्येक विभक्ति को विस्तार से उदाहरणों के साथ समझते हैं:


1. कर्ता कारक (Nominative Case)

  • परिभाषा: जो संज्ञा या सर्वनाम क्रिया को करता है, उसे कर्ता कारक कहते हैं।
  • विभक्ति: 'ने'
  • नियम:
    • कर्ता कारक की विभक्ति 'ने' केवल सकर्मक क्रिया के भूतकाल में ही प्रयुक्त होती है।
    • अकर्मक क्रिया के साथ 'ने' का प्रयोग नहीं होता।
    • वर्तमान और भविष्य काल में 'ने' का प्रयोग नहीं होता।
  • उदाहरण:
    • राम ने रावण को मारा। (मारा - सकर्मक क्रिया, भूतकाल)
    • लड़के ने आम खाया।
    • शिक्षक ने पढ़ाया।

2. कर्म कारक (Accusative Case)

  • परिभाषा: जिस पर क्रिया का फल पड़ता है, उसे कर्म कारक कहते हैं।
  • विभक्ति: 'को'
  • नियम: 'को' का प्रयोग सजीव कर्म के साथ होता है, निर्जीव के साथ नहीं।
  • उदाहरण:
    • माँ ने बच्चे को बुलाया। (बच्चा सजीव है)
    • शिक्षक ने छात्र को पढ़ाया।
    • मोहन ने पुस्तक पढ़ी। (यहां 'पुस्तक' निर्जीव है, इसलिए 'को' नहीं आया, लेकिन यह कर्म कारक ही है।)

3. करण कारक (Instrumental Case)

  • परिभाषा: जिस साधन से क्रिया संपन्न होती है, उसे करण कारक कहते हैं।
  • विभक्ति: 'से', 'के द्वारा'
  • उदाहरण:
    • वह कलम से लिखता है। (लिखने का साधन - कलम)
    • बच्चे गेम से खेल रहे हैं।
    • यह काम मेरे द्वारा किया गया है।

4. संप्रदान कारक (Dative Case)

  • परिभाषा: जिसके लिए कुछ किया जाता है या जिसको कुछ दिया जाता है, उसे संप्रदान कारक कहते हैं।
  • विभक्ति: 'को', 'के लिए'
  • उदाहरण:
    • पिताजी ने बच्चों के लिए खिलौने खरीदे। (बच्चों के लिए)
    • मैंने गरीबों को कपड़े दिए। (देने का भाव)
    • वह पढ़ने के लिए स्कूल जाता है।

5. अपादान कारक (Ablative Case)

  • परिभाषा: जिस संज्ञा या सर्वनाम से किसी वस्तु के अलग होने, तुलना करने, डरने या सीखने का भाव व्यक्त हो, उसे अपादान कारक कहते हैं।
  • विभक्ति: 'से' (अलग होने के भाव में)
  • उदाहरण:
    • पेड़ से पत्ता गिरा। (पत्ता पेड़ से अलग हुआ)
    • गंगा हिमालय से निकलती है। (अलग होने का भाव)
    • वह शहर से चला गया।
    • राम श्याम से लंबा है। (तुलना)

6. संबंध कारक (Genitive Case)

  • परिभाषा: यह एक संज्ञा या सर्वनाम का संबंध दूसरी संज्ञा या सर्वनाम से बताता है।
  • विभक्ति: 'का', 'की', 'के', 'रा', 'री', 'रे', 'ना', 'नी', 'ने'
  • उदाहरण:
    • यह मोहन की किताब है। (किताब का संबंध मोहन से)
    • उसका घर बहुत सुंदर है।
    • ये मेरे कपड़े हैं।

7. अधिकरण कारक (Locative Case)

  • परिभाषा: यह क्रिया के आधार (स्थान या समय) को बताता है।
  • विभक्ति: 'में', 'पर'
  • उदाहरण:
    • मछली पानी में रहती है। (रहने का स्थान - पानी)
    • पुस्तक मेज पर रखी है।
    • परीक्षा दिसंबर में होगी। (समय)

8. संबोधन कारक (Vocative Case)

  • परिभाषा: जिसका प्रयोग किसी को पुकारने, बुलाने या संबोधित करने के लिए किया जाता है।
  • विभक्ति: 'हे', 'अरे', 'ओ'
  • उदाहरण:
    • हे भगवान, हमारी रक्षा करो।
    • अरे, तुम कब आए?
    • ओ लड़के, इधर आओ।

परीक्षा की तैयारी हेतु विशेष ध्यान देने योग्य बातें:

  • करण और अपादान कारक में अंतर: दोनों की विभक्ति 'से' है, लेकिन करण कारक में 'से' का अर्थ साधन है और अपादान कारक में 'से' का अर्थ अलगाव है।
    • करण: वह चाकू से फल काटता है। (चाकू साधन है)
    • अपादान: पेड़ से फल गिरता है। (फल पेड़ से अलग हो रहा है)
  • कर्म और संप्रदान कारक में अंतर: दोनों की विभक्ति 'को' है।
    • कर्म: माँ ने बच्चे को बुलाया। (क्रिया का फल बच्चे पर)
    • संप्रदान: माँ ने बच्चे को खिलौना दिया। (देने का भाव)


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