मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 के लिए विज्ञान विषय की यूनिट – 14: रसायन से जुड़े निम्नलिखित तीन विषय परीक्षा में अक्सर पूछे जाते हैं:
🧪 Unit – 14: रसायन (Chemistry)
विषय: भौतिक एवं रासायनिक गुण, कैटेलिटिक गुण तथा विशेषताएँ, साबुन तथा अपमार्जक
🔶 1. भौतिक एवं रासायनिक गुण (Physical and Chemical Properties)
📌 भौतिक गुण (Physical Properties):
वे गुण जिन्हें हम बिना किसी रासायनिक प्रतिक्रिया के देख या माप सकते हैं। इसमें पदार्थ की अवस्था, रंग, गंध, गलनांक, क्वथनांक, घनत्व आदि शामिल हैं।
✅ उदाहरण:
- जल का रंगहीन, गंधहीन एवं पारदर्शी होना (भौतिक गुण)
- लोहा ठोस होता है – (भौतिक अवस्था)
- पारा तरल धातु है – (भौतिक गुण)
- बर्फ का गलना (बर्फ → जल) – (भौतिक परिवर्तन)
📌 रासायनिक गुण (Chemical Properties):
वे गुण जो तब प्रकट होते हैं जब कोई पदार्थ रासायनिक परिवर्तन करता है और नया पदार्थ बनता है।
✅ उदाहरण:
- लोहा वायु में ज़ंग खा जाता है – (रासायनिक गुण)
- मैग्नीशियम को जलाने पर सफेद धुआँ व प्रकाश उत्पन्न होता है – (रासायनिक गुण)
- लकड़ी का जलना → राख, गैस और ऊर्जा – (रासायनिक परिवर्तन)
🔁 भौतिक व रासायनिक परिवर्तन में अंतर:
| विशेषता | भौतिक परिवर्तन | रासायनिक परिवर्तन |
|---|---|---|
| नया पदार्थ बनता है? | ❌ नहीं | ✅ हाँ |
| परिवर्तन स्थायी? | ❌ नहीं | ✅ हाँ |
| उदाहरण | बर्फ का पिघलना | कागज़ का जलना |
🧪 2. कैटेलिटिक गुण तथा विशेषताएँ (Catalytic Properties and Characteristics)
📌 उत्प्रेरक (Catalyst):
ऐसे पदार्थ जो रासायनिक अभिक्रिया की गति को तेज़ (या मंद) कर देते हैं, लेकिन स्वयं अभिक्रिया में प्रयोग नहीं होते।
✅ उदाहरण:
- हाइड्रोजन + ऑक्सीजन → जल (इस अभिक्रिया में प्लैटिनम उत्प्रेरक के रूप में प्रयुक्त होता है)
- लोहे (Fe) की उपस्थिति में नाइट्रोजन और हाइड्रोजन से अमोनिया बनता है (Haber Process)
⚙️ उत्प्रेरकों की विशेषताएँ:
-
गति को बदलते हैं:
केवल अभिक्रिया की गति को बढ़ाते या घटाते हैं। -
स्वयं अपरिवर्तित रहते हैं:
अभिक्रिया के बाद उनकी मात्रा में कोई अंतर नहीं होता। -
बहुत थोड़ी मात्रा में प्रभावशाली:
बहुत कम मात्रा में भी कार्य करते हैं। -
विशिष्ट होते हैं:
एक उत्प्रेरक एक विशेष अभिक्रिया में ही कार्य करता है। -
दो प्रकार के होते हैं:
- सकारात्मक उत्प्रेरक: गति को बढ़ाते हैं (जैसे Fe)
- नकारात्मक उत्प्रेरक: गति को कम करते हैं (जैसे अल्कोहल कुछ गैसीय अभिक्रियाओं में)
🧼 3. साबुन तथा अपमार्जक (Soap and Detergents)
📌 साबुन (Soap):
साबुन वसा या तेलों का क्षारीय हाइड्रोलिसिस से बनने वाला पदार्थ है।
✅ निर्माण प्रक्रिया:
तेल/वसा + NaOH (सोडियम हाइड्रॉक्साइड) → साबुन + ग्लिसरॉल
🔹 साबुन की विशेषताएँ:
- यह सजीव रूप से जैव-अपघट्य (biodegradable) होते हैं।
- यह केवल नरम जल में अच्छे से झाग बनाते हैं।
- कठोर जल में कैल्शियम/मैग्नीशियम के साथ मिलकर स्कम (scum) बनाते हैं।
📌 अपमार्जक (Detergents):
यह कृत्रिम रासायनिक पदार्थ होते हैं जो कठोर जल में भी प्रभावी होते हैं।
✅ विशेषताएँ:
- अधिक झाग उत्पन्न करते हैं।
- कठोर जल में भी प्रभावी सफाई करते हैं।
- जैव-अपघट्य तथा अजैव-अपघट्य दोनों प्रकार होते हैं।
- यह पेट्रोलियम उत्पादों से बनाए जाते हैं।
🔁 साबुन और अपमार्जक में अंतर:
| आधार | साबुन | अपमार्जक |
|---|---|---|
| स्रोत | प्राकृतिक (वसा, तेल) | कृत्रिम (पेट्रोलियम) |
| जल प्रभाव | कठोर जल में काम नहीं करता | कठोर जल में भी कार्य करता है |
| झाग | कम झाग | अधिक झाग |
| पर्यावरण | पर्यावरण अनुकूल | कुछ प्रकार हानिकारक |
📌 निष्कर्ष (Conclusion):
- भौतिक गुण पदार्थ की पहचान कराते हैं, लेकिन कोई नया पदार्थ नहीं बनाते।
- रासायनिक गुण नए पदार्थ बनाते हैं।
- उत्प्रेरक वैज्ञानिक प्रयोगों और उद्योगों में क्रांति ला चुके हैं।
- साबुन प्राकृतिक हैं पर कठोर जल में सीमित हैं, जबकि अपमार्जक आधुनिक एवं अधिक प्रभावी हैं।
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