19th Day । विज्ञान



मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा हेतु भौतिकी के इन महत्वपूर्ण विषयों को विस्तारपूर्वक उदाहरणों सहित समझाया गया है।

  1. गति के नियम (Laws of Motion)
    गति के तीन नियम सर आइजैक न्यूटन द्वारा दिए गए थे, जिन्हें न्यूटन के गति के नियम कहा जाता है।

पहला नियम: जड़त्व का नियम (Law of Inertia)

  • परिभाषा: कोई भी वस्तु अपनी विरामावस्था या सीधी रेखा में एकसमान गति की अवस्था में तब तक बनी रहती है जब तक कि उस पर कोई बाहरी असंतुलित बल कार्य न करे।
  • सरल शब्दों में: यदि कोई वस्तु रुकी हुई है, तो वह रुकी ही रहेगी, और यदि वह चल रही है, तो वह उसी गति से चलती रहेगी, जब तक उसे कोई धक्का या खिंचाव (बल) न मिले।
  • उदाहरण:
    • जब कोई बस अचानक चलती है, तो उसमें बैठे यात्री पीछे की ओर झुक जाते हैं। (शरीर की विरामावस्था में रहने की प्रवृत्ति)
    • जब कोई चलती हुई बस अचानक रुकती है, तो यात्री आगे की ओर झुक जाते हैं। (शरीर की गतिमान अवस्था में रहने की प्रवृत्ति)
    • एक ग्लास पर रखे कार्ड को उंगली से मारने पर कार्ड तो आगे चला जाता है, लेकिन उस पर रखा सिक्का जड़त्व के कारण ग्लास में गिर जाता है।

दूसरा नियम: संवेग का नियम (Law of Momentum)

  • परिभाषा: किसी वस्तु के संवेग में परिवर्तन की दर उस पर लगाए गए असंतुलित बल के समानुपाती होती है, और यह परिवर्तन बल की दिशा में होता है।
  • सूत्र: F = ma
    • F = बल (Force)
    • m = वस्तु का द्रव्यमान (Mass)
    • a = वस्तु का त्वरण (Acceleration)
  • सरल शब्दों में: किसी वस्तु को गति देने के लिए लगाया गया बल, वस्तु के द्रव्यमान और उसमें उत्पन्न त्वरण के गुणनफल के बराबर होता है। भारी वस्तु को गति देने के लिए अधिक बल लगाना पड़ता है।
  • उदाहरण:
    • क्रिकेट के खेल में, गेंद को कैच करते समय खिलाड़ी अपने हाथ पीछे की ओर खींचता है ताकि संवेग में परिवर्तन की दर कम हो जाए और हाथ पर लगने वाला बल कम हो जाए। इससे चोट लगने का खतरा कम होता है।
    • एक खाली ठेले को धकेलना आसान होता है जबकि उसी ठेले को सामान से भरकर धकेलना कठिन होता है क्योंकि द्रव्यमान (mass) बढ़ जाता है।

तीसरा नियम: क्रिया-प्रतिक्रिया का नियम (Law of Action and Reaction)

  • परिभाषा: प्रत्येक क्रिया की सदैव एक समान और विपरीत प्रतिक्रिया होती है।
  • सरल शब्दों में: जब आप किसी वस्तु पर बल लगाते हैं (क्रिया), तो वह वस्तु भी आप पर उतना ही बल विपरीत दिशा में लगाती है (प्रतिक्रिया)।
  • उदाहरण:
    • जब हम चलते हैं, तो हम अपने पैरों से जमीन को पीछे धकेलते हैं (क्रिया), और जमीन हमें आगे की ओर धकेलती है (प्रतिक्रिया)।
    • रॉकेट का आगे बढ़ना: रॉकेट अपने इंजन से गर्म गैसों को तेजी से नीचे की ओर छोड़ता है (क्रिया), और इन गैसों की प्रतिक्रिया से रॉकेट ऊपर की ओर गति करता है।
    • बंदूक से गोली चलाते समय, बंदूक पीछे की ओर झटका देती है।
  1. संवेग (Momentum)
  • परिभाषा: किसी वस्तु के द्रव्यमान और उसके वेग के गुणनफल को संवेग कहते हैं।
  • सूत्र: P = mv
    • P = संवेग (Momentum)
    • m = वस्तु का द्रव्यमान (Mass)
    • v = वस्तु का वेग (Velocity)
  • इकाई: किलोग्राम-मीटर प्रति सेकंड (kg-m/s)
  • उदाहरण:
    • एक छोटी गोली का वेग बहुत अधिक होता है, इसलिए उसका संवेग अधिक होता है और वह नुकसान पहुंचा सकती है।
    • एक भारी ट्रक का वेग कम होने पर भी उसका द्रव्यमान बहुत अधिक होने के कारण उसका संवेग बहुत ज्यादा होता है, जिससे वह अधिक नुकसान पहुंचा सकता है।
  1. संवेग संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Momentum)
  • परिभाषा: यदि दो या दो से अधिक वस्तुओं के निकाय (system) पर कोई बाहरी असंतुलित बल कार्य नहीं कर रहा हो, तो निकाय का कुल संवेग संरक्षित (नियत) रहता है।
  • सरल शब्दों में: टक्कर से पहले और टक्कर के बाद, वस्तुओं का कुल संवेग बराबर रहता है।
  • सूत्र: m₁v₁ + m₂v₂ = m₁v′₁ + m₂v′₂
    • m₁, m₂ = वस्तुओं के द्रव्यमान
    • v₁, v₂ = टक्कर से पहले के वेग
    • v′₁, v′₂ = टक्कर के बाद के वेग
  • उदाहरण:
    • जब एक बंदूक से गोली चलाई जाती है, तो गोली आगे की ओर तेजी से जाती है (संवेग प्राप्त करती है), और बंदूक पीछे की ओर झटका देती है। गोली का संवेग बंदूक के पीछे के संवेग के बराबर और विपरीत होता है, जिससे कुल संवेग संरक्षित रहता है।
    • कैरम बोर्ड में, जब एक स्ट्राइकर एक गोटी से टकराता है, तो टक्कर से पहले दोनों का कुल संवेग, टक्कर के बाद उनके अलग-अलग संवेगों के योग के बराबर होता है।
  1. आवेग (Impulse)
  • परिभाषा: जब कोई बड़ा बल किसी वस्तु पर बहुत कम समय के लिए लगता है, तो बल और समय अंतराल के गुणनफल को आवेग कहते हैं।
  • सूत्र: I = F × Δt
    • I = आवेग (Impulse)
    • F = लगाया गया बल (Force)
    • Δt = समय अंतराल (Time interval)
  • संवेग से संबंध: आवेग, वस्तु के संवेग में परिवर्तन के बराबर होता है।
    • I = ΔP = m(v - u)
  • इकाई: न्यूटन-सेकंड (N-s)
  • उदाहरण:
    • ऊँची कूद (High Jump) के खिलाड़ी को गद्दे पर कूदने के लिए कहा जाता है। गद्दे पर गिरने से खिलाड़ी के शरीर के संवेग में परिवर्तन में अधिक समय लगता है, जिससे बल का मान कम हो जाता है और चोट नहीं लगती।
    • गाड़ियों में शॉक एब्जॉर्बर (Shock Absorbers) लगे होते हैं ताकि ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर लगने वाले बल का समय बढ़ जाए और झटके कम महसूस हों।

यह जानकारी आपके लिए मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा की तैयारी में सहायक होगी।




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