1. त्रिकोणमिति क्या है?
त्रिकोणमिति (Trigonometry) गणित की वह शाखा है जिसमें त्रिभुज के कोणों और भुजाओं के बीच संबंधों का अध्ययन किया जाता है।
विशेषकर यह समकोण त्रिभुज (Right-angled Triangle) पर आधारित होती है।
2. त्रिकोणमितीय अनुपात (Trigonometric Ratios)
मान लीजिए, एक समकोण त्रिभुज में कोण θ है।
- समकोण के सामने की भुजा = कर्ण (Hypotenuse)
- θ के सामने की भुजा = लंब (Perpendicular)
- θ के पास वाली भुजा = आधार (Base)
त्रिकोणमितीय अनुपात इस प्रकार होते हैं:
- sin θ = लंब / कर्ण
- cos θ = आधार / कर्ण
- tan θ = लंब / आधार
- cot θ = आधार / लंब
- sec θ = कर्ण / आधार
- cosec θ = कर्ण / लंब
3. कुछ विशेष कोणों के त्रिकोणमितीय अनुपात
कुछ कोणों के मान याद रखने होते हैं: 0°, 30°, 45°, 60°, 90°
- sin 0° = 0, sin 30° = 1/2, sin 45° = 1/√2, sin 60° = √3/2, sin 90° = 1
- cos 0° = 1, cos 30° = √3/2, cos 45° = 1/√2, cos 60° = 1/2, cos 90° = 0
- tan 0° = 0, tan 30° = 1/√3, tan 45° = 1, tan 60° = √3, tan 90° = ∞ (परिभाषित नहीं)
याद रखने की ट्रिक:
- sin बढ़ते हैं, cos घटते हैं
- tan = sin / cos
4. त्रिकोणमितीय अनुपातों के बीच संबंध
कुछ मुख्य संबंध (Identities):
- sin²θ + cos²θ = 1
- 1 + tan²θ = sec²θ
- 1 + cot²θ = cosec²θ
उदाहरण:
यदि sin²θ = 9/25 है, तो cos²θ = ?
समाधान:
sin²θ + cos²θ = 1
9/25 + cos²θ = 1
cos²θ = 1 - 9/25 = 16/25
5. ऊँचाइयाँ और दूरियाँ (Heights and Distances)
यह भाग वास्तविक जीवन के सवालों में आता है, जहाँ हम त्रिकोणमिति से ऊँचाई या दूरी निकालते हैं।
मुख्य विचार:
- ऊँचाई (Height) = लंब (Perpendicular)
- दूरी (Distance) = आधार (Base)
- कोण = ऊँचाई से आधार पर बनाया गया कोण
उदाहरण 1:
किसी टॉवर की ऊँचाई 20 मीटर है और उसका छाया का लंबाई 20√3 मीटर है। टॉवर का ऊँचाई से सूर्य का उन्नयन कोण (Angle of Elevation) ज्ञात करें।
समाधान:
tan θ = लंब / आधार = 20 / (20√3) = 1/√3
इससे θ = 30°
उदाहरण 2:
किसी पेड़ की छाया 15 मीटर लंबी है और सूर्य का उन्नयन कोण 45° है, तो पेड़ की ऊँचाई क्या होगी?
tan 45° = लंब / आधार = h / 15
1 = h / 15
h = 15 मीटर
MCQs (MP प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा दृष्टिकोण से)
1. sin 30° का मान क्या है? / What is the value of sin 30°?
A) 1
B) 1/2 ✅
C) √3/2
D) 0
2. cos 60° का मान क्या है? / What is the value of cos 60°?
A) 1/2 ✅
B) √3/2
C) 1
D) 0
3. tan 45° का मान क्या है? / What is the value of tan 45°?
A) 1 ✅
B) 0
C) √3
D) 1/√3
4. sin²θ + cos²θ = ?
A) 0
B) 1 ✅
C) sec²θ
D) cosec²θ
5. 1 + tan²θ = ?
A) sec²θ ✅
B) cosec²θ
C) sin²θ
D) cos²θ
6. 1 + cot²θ = ?
A) sec²θ
B) cosec²θ ✅
C) 1
D) tan²θ
7. sin 90° का मान क्या है? / What is the value of sin 90°?
A) 0
B) 1 ✅
C) √3/2
D) 1/2
8. cos 0° का मान क्या है? / What is the value of cos 0°?
A) 0
B) 1 ✅
C) 1/2
D) √3/2
9. tan 60° का मान क्या है? / What is the value of tan 60°?
A) √3 ✅
B) 1
C) 1/√3
D) 0
10. cot 30° का मान क्या है? / What is the value of cot 30°?
A) √3 ✅
B) 1/√3
C) 1
D) √2
11. यदि किसी समकोण त्रिभुज में θ कोण का सामने का भुजा 5 cm और कर्ण 13 cm है, तो sin θ = ?
A) 5/13 ✅
B) 13/5
C) 12/13
D) 5/12
12. sec 45° का मान क्या है? / What is the value of sec 45°?
A) 1
B) √2 ✅
C) 2
D) 1/√2
13. cosec 60° का मान क्या है? / What is the value of cosec 60°?
A) 2/√3 ✅
B) 2
C) √3
D) 1/2
14. यदि tan θ = 3/4, तो sec²θ = ?
A) 25/16 ✅
B) 16/25
C) 9/16
D) 1
15. 45°, 45°, 90° त्रिभुज में कर्ण का मान यदि 10 cm है, तो प्रत्येक अन्य भुजा का मान?
A) 5 cm
B) 10/√2 cm ✅
C) 5√3 cm
D) 8 cm
16. ऊँचाई और दूरी में, यदि किसी मीनार की ऊँचाई 50 m है और आधार से 50 m दूरी पर खड़े व्यक्ति के लिए शिखर का कोण θ है, तो tan θ = ?
A) 1 ✅
B) 0
C) √3
D) 1/√3
17. cos²30° + sin²30° = ?
A) 0
B) 1 ✅
C) 1/2
D) 3/4
18. यदि sec θ = 2, तो cos θ = ?
A) 1/2 ✅
B) 2
C) √3/2
D) 1
19. यदि किसी समकोण त्रिभुज में एक भुजा 7 cm और कर्ण 25 cm है, तो दूसरी भुजा की लंबाई?
A) 24 cm ✅
B) 18 cm
C) 20 cm
D) 10 cm
20. tan²45° + cos²90° = ?
A) 0
B) 1 ✅
C) 2
D) 1/2
यहाँ मैं आपको यूनिट – 16: भौतिकी के अंतर्गत
विद्युत आवेश, कुलन का नियम, विद्युत क्षेत्र रेखाएँ, विद्युत धारा, चालक–कुलनालक एवं ओम का नियम से
20 महत्वपूर्ण प्रश्न–उत्तर दे रहा हूँ, जो मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा के दृष्टिकोण से उपयुक्त हैं, और प्रत्येक के साथ संक्षिप्त व्याख्या भी दी गई है।
1. विद्युत आवेश क्या है?
उत्तर: पदार्थ का वह गुण जिसके कारण वह अन्य आवेशित कणों पर बल लगाता है या बल अनुभव करता है, विद्युत आवेश कहलाता है।
व्याख्या: यह दो प्रकार का होता है — धनात्मक (+) और ऋणात्मक (–)।
2. विद्युत आवेश की SI इकाई क्या है?
उत्तर: कुलॉम (Coulomb)
व्याख्या: 1 कुलॉम = इलेक्ट्रॉनों के आवेश के बराबर होता है।
3. कुलन का नियम किसके बीच बल को बताता है?
उत्तर: दो स्थिर बिंदु आवेशों के बीच।
व्याख्या: यह गुरुत्वाकर्षण के नियम के समान है, परंतु यहाँ बल आकर्षक या प्रतिकर्षक दोनों हो सकता है।
4. कुलन के नियम का सूत्र क्या है?
उत्तर:
व्याख्या: यहाँ = है, और आवेश हैं, दूरी है।
5. विद्युत क्षेत्र क्या है?
उत्तर: किसी आवेश के आसपास वह क्षेत्र जहाँ वह अन्य आवेशों पर बल लगाता है, विद्युत क्षेत्र कहलाता है।
व्याख्या: यह अदृश्य होता है लेकिन इसका प्रभाव मापा जा सकता है।
6. विद्युत क्षेत्र की SI इकाई क्या है?
उत्तर: न्यूटन प्रति कुलॉम (N/C) या वोल्ट प्रति मीटर (V/m)
व्याख्या: 1 N/C = 1 V/m
7. विद्युत क्षेत्र रेखाएँ क्या दर्शाती हैं?
उत्तर: ये रेखाएँ विद्युत क्षेत्र की दिशा और तीव्रता को दर्शाती हैं।
व्याख्या: धनात्मक से ऋणात्मक आवेश की ओर जाती हैं।
8. विद्युत क्षेत्र रेखाओं का एक गुण बताइए।
उत्तर: दो विद्युत क्षेत्र रेखाएँ कभी एक-दूसरे को नहीं काटतीं।
व्याख्या: क्योंकि एक बिंदु पर विद्युत क्षेत्र की केवल एक दिशा होती है।
9. विद्युत धारा क्या है?
उत्तर: चालक में इलेक्ट्रॉनों का प्रवाह विद्युत धारा कहलाता है।
व्याख्या: धारा की दिशा पारंपरिक रूप से धनात्मक से ऋणात्मक मानी जाती है।
10. विद्युत धारा की SI इकाई क्या है?
उत्तर: ऐंपियर (Ampere)
व्याख्या: 1 A = 1 कुलॉम / 1 सेकंड।
11. चालक किसे कहते हैं?
उत्तर: वे पदार्थ जिनमें विद्युत धारा आसानी से प्रवाहित होती है।
व्याख्या: जैसे ताँबा, एल्यूमिनियम।
12. कुलनालक (Insulator) किसे कहते हैं?
उत्तर: वे पदार्थ जिनमें विद्युत धारा प्रवाहित नहीं होती।
व्याख्या: जैसे रबर, प्लास्टिक, काँच।
13. ओम का नियम क्या है?
उत्तर: किसी चालक में प्रवाहित धारा, उस पर लगाए गए विभवांतर के समानुपाती होती है, यदि तापमान स्थिर रहे।
सूत्र:
14. ओम के नियम में का अर्थ क्या है?
उत्तर: प्रतिरोध (Resistance)
व्याख्या: यह धारा के प्रवाह में बाधा का माप है, SI इकाई — ओम (Ω)।
15. 1 ओम प्रतिरोध की परिभाषा दीजिए।
उत्तर: जब 1 वोल्ट विभवांतर पर चालक में 1 ऐंपियर धारा प्रवाहित हो, तब प्रतिरोध 1 ओम होता है।
16. प्रतिरोध किन पर निर्भर करता है?
उत्तर: चालक की लंबाई, अनुप्रस्थ क्षेत्रफल, पदार्थ और तापमान पर।
17. यदि तार की लंबाई दोगुनी कर दी जाए तो प्रतिरोध पर क्या प्रभाव होगा?
उत्तर: प्रतिरोध दोगुना हो जाएगा।
व्याख्या:
18. यदि तार का अनुप्रस्थ क्षेत्रफल दोगुना कर दिया जाए तो प्रतिरोध?
उत्तर: आधा हो जाएगा।
व्याख्या:
19. विद्युत धारा का सूत्र क्या है?
उत्तर:
व्याख्या: Q — कुल आवेश, t — समय।
20. चालक और कुलनालक में मुख्य अंतर क्या है?
उत्तर: चालक में मुक्त इलेक्ट्रॉनों की संख्या अधिक होती है, कुलनालक में लगभग नहीं के बराबर।
यह रहे यूनिट – 16: भौतिकी (विद्युत आवेश, कुलन का नियम, विद्युत क्षेत्र रेखाएँ, विद्युत धारा, चालक, कुलनाल, ओम का नियम) से 10 महत्वपूर्ण MCQs — मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा हेतु:
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विद्युत आवेश की SI इकाई क्या है?
A) वोल्ट
B) कुलॉम ✅
C) ओम
D) ऐम्पियर -
कुलन का नियम किसके बीच बल को दर्शाता है?
A) चुंबकीय ध्रुवों के बीच
B) दो विद्युत आवेशों के बीच ✅
C) दो ग्रहों के बीच
D) दो चालक तारों के बीच -
विद्युत क्षेत्र रेखाएँ किस दिशा में खींची जाती हैं?
A) ऋणात्मक से धनात्मक
B) धनात्मक से ऋणात्मक ✅
C) बाएँ से दाएँ
D) केंद्र से बाहर -
विद्युत धारा की SI इकाई क्या है?
A) वोल्ट
B) ऐम्पियर ✅
C) ओम
D) वॉट -
किसी चालक में धारा बहने का कारण क्या है?
A) तापमान
B) विभवांतर ✅
C) रंग
D) दाब -
चालक में धारा किससे बहती है?
A) प्रोटॉनों से
B) इलेक्ट्रॉनों से ✅
C) न्यूट्रॉनों से
D) फोटॉनों से -
ओम के नियम के अनुसार, V = IR में R किसे दर्शाता है?
A) प्रतिरोध ✅
B) वोल्टेज
C) धारा
D) शक्ति -
कुलन के नियम में बल आवेश के गुणनफल के समानुपाती और किसके वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है?
A) आवेश की दूरी ✅
B) वोल्टेज
C) धारा
D) शक्ति -
विद्युत क्षेत्र रेखाएँ आपस में कभी क्यों नहीं कटती?
A) क्योंकि यह भौतिक रूप से असंभव है ✅
B) क्योंकि वे बहुत लंबी होती हैं
C) क्योंकि उनका रंग अलग होता है
D) क्योंकि वे स्थिर रहती हैं -
अच्छे चालक का उदाहरण कौन है?
A) लकड़ी
B) तांबा ✅
C) काँच
D) रबर -
विद्युत आवेश की SI इकाई क्या है?
A) वोल्ट
B) कूलाम्ब ✅
C) ओम
D) एम्पीयर -
समान प्रकार के आवेश आपस में क्या करते हैं?
A) आकर्षित
B) विकर्षित ✅
C) मिश्रित
D) निष्क्रिय -
कुलन का नियम किसके बीच बल को वर्णित करता है?
A) चुंबक और लोहे के बीच
B) दो स्थिर विद्युत आवेशों के बीच ✅
C) विद्युत धारा और चालक के बीच
D) प्रतिरोध और धारा के बीच -
कुलन बल किस पर निर्भर करता है?
A) आवेश की मात्रा और दूरी ✅
B) समय और तापमान
C) धारा और वोल्टेज
D) ऊर्जा और शक्ति -
कुलन बल का मान किस अनुपात में होता है?
A) दूरी के वर्ग के सीधा
B) दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती ✅
C) दूरी के बराबर
D) दूरी के घन के बराबर -
विद्युत क्षेत्र रेखाएँ हमेशा किस दिशा में खींची जाती हैं?
A) ऋण आवेश से धन आवेश की ओर
B) धन आवेश से ऋण आवेश की ओर ✅
C) वृत्ताकार
D) यादृच्छिक -
विद्युत क्षेत्र रेखाएँ किसे प्रदर्शित करती हैं?
A) बल की दिशा ✅
B) धारा की दिशा
C) प्रतिरोध की दिशा
D) ताप की दिशा -
विद्युत क्षेत्र रेखाएँ आपस में क्या करती हैं?
A) क्रॉस करती हैं
B) कभी नहीं काटतीं ✅
C) हमेशा समानांतर रहती हैं
D) विकृत होती हैं -
विद्युत धारा किसके कारण उत्पन्न होती है?
A) आवेश का प्रवाह ✅
B) तापमान में परिवर्तन
C) दाब में वृद्धि
D) चुंबकीय क्षेत्र -
विद्युत धारा की SI इकाई क्या है?
A) वोल्ट
B) ओम
C) एम्पीयर ✅
D) वॉट -
विद्युत धारा की दिशा किस ओर मानी जाती है?
A) ऋण से धन की ओर
B) धन से ऋण की ओर ✅
C) दोनों दिशाओं में
D) स्थिर रहती है -
चालक वह पदार्थ है जो —
A) धारा का प्रवाह रोकता है
B) धारा को आसानी से प्रवाहित करता है ✅
C) केवल गर्मी संचरित करता है
D) विद्युत क्षेत्र को अवरुद्ध करता है -
कुलनाल (Insulator) क्या करता है?
A) विद्युत धारा को संचरित करता है
B) विद्युत धारा के प्रवाह को रोकता है ✅
C) विद्युत क्षेत्र को बढ़ाता है
D) धारा को नियंत्रित करता है -
निम्न में से कौन चालक है?
A) रबर
B) तांबा ✅
C) कांच
D) प्लास्टिक -
ओम का नियम किसके बीच संबंध बताता है?
A) धारा, वोल्टेज और प्रतिरोध ✅
B) बल, द्रव्यमान और त्वरण
C) ऊर्जा, समय और शक्ति
D) दाब, तापमान और आयतन -
ओम के नियम का सूत्र क्या है?
A) V = IR ✅
B) I = VR
C) R = VI
D) V = I/R -
ओम का नियम तभी लागू होता है जब —
A) तापमान स्थिर हो ✅
B) धारा स्थिर हो
C) वोल्टेज शून्य हो
D) प्रतिरोध शून्य हो -
प्रतिरोध की SI इकाई क्या है?
A) वोल्ट
B) ओम ✅
C) एम्पीयर
D) वॉट -
धारा, वोल्टेज और प्रतिरोध का संबंध कैसा है?
A) प्रत्यक्ष अनुपाती और व्युत्क्रमानुपाती ✅
B) समानुपाती
C) स्थिर
D) परिवर्ती -
यदि प्रतिरोध बढ़ता है तो धारा —
A) बढ़ेगी
B) घटेगी ✅
C) समान रहेगी
D) शून्य हो जाएगी
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मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 – सामाजिक विज्ञान (इतिहास)
विषय: ब्रिटिश शासन की स्थापना
- ब्रिटिश शासन की स्थापना एवं भारतीय क्षेत्रों में उनके युद्ध
ब्रिटिश शासन की स्थापना अचानक नहीं हुई, बल्कि यह कई युद्धों, संधियों और नीतियों का परिणाम था।
स्थापना के प्रमुख चरण:
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व्यापार से शासन तक (1600-1757):
- 1600 में ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना हुई, जिसका उद्देश्य भारत के साथ व्यापार करना था।
- धीरे-धीरे कंपनी ने अपनी व्यापारिक कोठियाँ (factories) स्थापित कीं, जैसे सूरत, मद्रास, कलकत्ता और बंबई में।
- स्थानीय शासकों से व्यापारिक विशेषाधिकार प्राप्त करने के लिए कंपनी ने राजनीतिक हस्तक्षेप करना शुरू किया।
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प्रमुख युद्ध और विजय:
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प्लासी का युद्ध (1757): यह भारत में ब्रिटिश शासन की नींव रखने वाला सबसे महत्वपूर्ण युद्ध था।
- कारण: बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला और ब्रिटिश कंपनी के बीच व्यापारिक विशेषाधिकारों और किलेबंदी को लेकर मतभेद।
- परिणाम: रॉबर्ट क्लाइव के नेतृत्व में ब्रिटिश सेना ने नवाब को हराया। इसके बाद मीर जाफर को नवाब बनाया गया, जो कंपनी का कठपुतली शासक था। इस जीत ने कंपनी को बंगाल में राजनीतिक और आर्थिक नियंत्रण दिया।
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बक्सर का युद्ध (1764):
- कारण: मीर कासिम (बंगाल का नया नवाब) ने कंपनी के बढ़ते हस्तक्षेप का विरोध किया। उसने अवध के नवाब शुजाउद्दौला और मुगल सम्राट शाह आलम द्वितीय के साथ मिलकर एक संघ बनाया।
- परिणाम: ब्रिटिश सेना ने इस संयुक्त सेना को हराया। इस निर्णायक जीत के बाद कंपनी को बंगाल, बिहार और ओडिशा की दीवानी (राजस्व वसूलने का अधिकार) मिल गई। यह एक कानूनी रूप से कंपनी के शासन की शुरुआत थी।
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मैसूर और मराठों से युद्ध:
- आंग्ल-मैसूर युद्ध (1767-1799): हैदर अली और टीपू सुल्तान के नेतृत्व में मैसूर ने अंग्रेजों को कड़ी टक्कर दी। अंततः 1799 में चौथे आंग्ल-मैसूर युद्ध में टीपू सुल्तान की हार और मृत्यु हुई, और मैसूर पर अंग्रेजों का नियंत्रण हो गया।
- आंग्ल-मराठा युद्ध (1775-1818): तीन प्रमुख युद्धों के बाद, 1818 में मराठा शक्ति को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया, जिससे भारत में ब्रिटिश सर्वोच्चता स्थापित हुई।
- ब्रिटिश नीतियाँ (British Policies)
ब्रिटिश सरकार ने भारत में अपने शासन को मजबूत करने और आर्थिक शोषण के लिए कई नीतियाँ अपनाईं।
-
सहायक संधि (Subsidiary Alliance):
- किसने शुरू की: लॉर्ड वेलेज़ली (1798)।
- उद्देश्य: भारतीय राज्यों को सैन्य रूप से कमजोर करना और कंपनी पर निर्भर बनाना।
- नियम: भारतीय राजाओं को अपने राज्य में ब्रिटिश सेना रखनी पड़ती थी, जिसका खर्च राजा को उठाना होता था। इसके बदले में ब्रिटिश कंपनी बाहरी आक्रमण से सुरक्षा का वादा करती थी।
- परिणाम: इस नीति के कारण हैदराबाद, मैसूर, अवध और पेशवा जैसे राज्यों ने अपनी संप्रभुता खो दी।
-
व्यपगत का सिद्धांत या हड़प नीति (Doctrine of Lapse):
- किसने शुरू की: लॉर्ड डलहौजी (1848)।
- उद्देश्य: उन भारतीय राज्यों को ब्रिटिश साम्राज्य में मिलाना जिनका कोई natural heir (पुरुष उत्तराधिकारी) नहीं था।
- नियम: यदि किसी शासक की मृत्यु बिना किसी पुरुष उत्तराधिकारी के हो जाती थी, तो उसका राज्य ब्रिटिश साम्राज्य का हिस्सा बन जाता था। दत्तक पुत्र (adopted son) को मान्यता नहीं दी जाती थी।
- परिणाम: इस नीति के तहत सतारा, जैतपुर, संबलपुर, उदयपुर, झांसी और नागपुर जैसे राज्यों को ब्रिटिश साम्राज्य में मिला लिया गया।
- आर्थिक एवं प्रशासनिक ढाँचा
अंग्रेजों ने भारत को केवल एक उपनिवेश (colony) के रूप में देखा और अपने आर्थिक लाभ के लिए यहाँ का प्रशासनिक ढाँचा तैयार किया।
आर्थिक नीतियाँ:
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भूमि राजस्व नीतियाँ:
- स्थायी बंदोबस्त (Permanent Settlement): लॉर्ड कॉर्नवालिस ने 1793 में बंगाल, बिहार और ओडिशा में लागू किया। इसमें ज़मींदारों को भूमि का मालिक बना दिया गया और उन्हें एक निश्चित राशि सरकार को देनी होती थी।
- रैयतवाड़ी बंदोबस्त: मद्रास और बंबई प्रेसीडेंसी में लागू हुआ। इसमें सीधे किसानों (रैयतों) से राजस्व वसूला जाता था।
- महलवाड़ी बंदोबस्त: उत्तर-पश्चिम प्रांतों में लागू हुआ। इसमें गाँव (महल) के मुखिया से सामूहिक रूप से राजस्व वसूला जाता था।
- परिणाम: इन नीतियों ने भारतीय किसानों का शोषण किया और उन्हें गरीबी में धकेल दिया।
-
धन का निष्कासन (Drain of Wealth):
- दादाभाई नौरोजी ने 'धन का निष्कासन' का सिद्धांत दिया।
- यह वह प्रक्रिया थी जिसमें भारत की संपत्ति और संसाधनों को बिना किसी प्रतिफल (return) के इंग्लैंड भेजा जा रहा था।
- उदाहरण: भारत में ब्रिटिश अधिकारियों का वेतन, पेंशन, युद्धों का खर्च, और कंपनी के मुनाफे को भारत से ही लिया जाता था।
प्रशासनिक ढाँचा:
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सिविल सेवा (Civil Service):
- लॉर्ड कॉर्नवालिस को भारत में सिविल सेवा का जनक माना जाता है। उन्होंने प्रशासन में कुशलता लाने के लिए यह व्यवस्था शुरू की।
- शुरुआत में उच्च पदों पर केवल ब्रिटिश अधिकारी ही होते थे।
-
सेना और पुलिस:
- ब्रिटिश शासन को बनाए रखने और विद्रोहों को कुचलने के लिए एक विशाल और मजबूत सेना तथा पुलिस बल का गठन किया गया।
- सेना में भारतीय सैनिक बड़ी संख्या में थे, लेकिन नेतृत्व ब्रिटिश अधिकारियों के हाथ में था।
-
न्याय व्यवस्था:
- लॉर्ड कॉर्नवालिस ने भारत में न्याय व्यवस्था का पुनर्गठन किया।
- अलग-अलग स्तर के न्यायालयों की स्थापना की गई, लेकिन ब्रिटिश कानून और न्याय प्रणाली भारतीय समाज के लिए नई और जटिल थी।25
"ब्रिटिश शासन की स्थापना" विषय पर 20 महत्वपूर्ण MCQs
जो मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा में काम आ सकते हैं।
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ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना कब हुई थी?
A) 1600 ✅
B) 1608
C) 1615
D) 1757 -
भारत में अंग्रेजों का पहला व्यापारिक केंद्र कहाँ था?
A) मद्रास
B) कलकत्ता
C) सूरत ✅
D) बंबई -
प्लासी का युद्ध कब हुआ था?
A) 1757 ✅
B) 1764
C) 1857
D) 1799 -
प्लासी के युद्ध में बंगाल का नवाब कौन था?
A) मीर जाफर
B) मीर कासिम
C) सिराजुद्दौला ✅
D) शुजाउद्दौला -
प्लासी के युद्ध के बाद बंगाल का नवाब किसे बनाया गया?
A) मीर कासिम
B) मीर जाफर ✅
C) शुजाउद्दौला
D) शाह आलम द्वितीय -
बक्सर का युद्ध कब हुआ था?
A) 1757
B) 1764 ✅
C) 1857
D) 1799 -
बक्सर के युद्ध में अंग्रेजों का नेतृत्व किसने किया?
A) रॉबर्ट क्लाइव
B) हेكتور मनरो ✅
C) वेलेज़ली
D) डलहौजी -
बक्सर के युद्ध में अंग्रेजों के विरोधी कौन थे?
A) मीर जाफर, शुजाउद्दौला, शाह आलम द्वितीय
B) मीर कासिम, शुजाउद्दौला, शाह आलम द्वितीय ✅
C) हैदर अली, टीपू सुल्तान, शाह आलम द्वितीय
D) नाना साहब, शुजाउद्दौला, शाह आलम द्वितीय -
बक्सर के युद्ध के बाद अंग्रेजों को कौन सा अधिकार मिला?
A) न्याय का अधिकार
B) दीवानी अधिकार ✅
C) सैन्य नियंत्रण
D) व्यापार का एकाधिकार -
सहायक संधि नीति किसने शुरू की?
A) लॉर्ड डलहौजी
B) लॉर्ड वेलेज़ली ✅
C) लॉर्ड कॉर्नवालिस
D) रॉबर्ट क्लाइव -
सहायक संधि के तहत क्या करना पड़ता था?
A) अंग्रेजों को कर देना
B) ब्रिटिश सेना रखना और उसका खर्च उठाना ✅
C) राज्य का आधा हिस्सा देना
D) सेना को विदेश भेजना -
व्यपगत का सिद्धांत (Doctrine of Lapse) किसने लागू किया?
A) लॉर्ड कॉर्नवालिस
B) लॉर्ड डलहौजी ✅
C) लॉर्ड वेलेज़ली
D) लॉर्ड माउंटबेटन -
व्यपगत के सिद्धांत के तहत किसे मान्यता नहीं दी जाती थी?
A) पुत्र
B) दत्तक पुत्र ✅
C) पत्नी
D) बहन -
स्थायी बंदोबस्त प्रणाली किसने लागू की?
A) लॉर्ड डलहौजी
B) लॉर्ड कॉर्नवालिस ✅
C) लॉर्ड वेलेज़ली
D) लॉर्ड रिपन -
रैयतवाड़ी व्यवस्था किस प्रदेश में लागू हुई थी?
A) बंगाल
B) मद्रास और बंबई ✅
C) पंजाब
D) राजस्थान -
महलवाड़ी व्यवस्था किस क्षेत्र में लागू हुई थी?
A) उत्तर-पश्चिम प्रांत ✅
B) मद्रास
C) बंगाल
D) ओडिशा -
'धन का निष्कासन' सिद्धांत किसने दिया?
A) बाल गंगाधर तिलक
B) दादाभाई नौरोजी ✅
C) गोपाल कृष्ण गोखले
D) लाला लाजपत राय -
भारत में सिविल सेवा का जनक किसे कहा जाता है?
A) लॉर्ड डलहौजी
B) लॉर्ड कॉर्नवालिस ✅
C) रॉबर्ट क्लाइव
D) लॉर्ड रिपन -
आखिरी आंग्ल-मैसूर युद्ध किस वर्ष हुआ था?
A) 1799 ✅
B) 1782
C) 1806
D) 1818 -
आखिरी आंग्ल-मराठा युद्ध का परिणाम क्या था?
A) मराठों की विजय
B) अंग्रेजों की पूर्ण विजय ✅
C) संधि के बाद सत्ता बाँटी गई
D) युद्ध अधूरा रहा

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