आधुनिक भारत इतिहास | MP Police Exam 2025

एमपी पुलिस परीक्षा 2025 के “भारत का आधुनिक इतिहास (Modern History of India)” 


🕊️ आधुनिक भारत  इतिहास (Modern History of India)

काल अवधि: 1707 ई. (औरंगज़ेब की मृत्यु) से लेकर 1947 ई. (स्वतंत्रता प्राप्ति) तक।
इस काल में भारत में अंग्रेज़ों का आगमन, कंपनी शासन की स्थापना, स्वतंत्रता संग्राम, सामाजिक सुधार आंदोलनों और राष्ट्रवाद का विकास हुआ।


🏰 भाग 1 : यूरोपियों का भारत में आगमन

🔹 1. पुर्तगाली (Portuguese)

  • भारत में सबसे पहले आने वाले यूरोपीय थे।
  • वास्को-डी-गामा 1498 ई. में कालीकट (कोझिकोड) पहुँचा — जहाँ जमोरिन नामक शासक था।
  • पुर्तगालियों ने गोवा (1510 ई.) में अपना स्थायी केंद्र बनाया।
  • प्रसिद्ध गवर्नर अल्फोंसो डी अल्बुकर्क ने गोवा पर अधिकार किया।
  • 1961 तक गोवा पुर्तगालियों के अधीन रहा।

🔹 2. डच (Dutch)

  • 1602 ई. में “डच ईस्ट इंडिया कंपनी” की स्थापना हुई।
  • भारत में इनका प्रमुख केंद्र मसूलपट्टनम, नागपट्टनम, पालीकट और चिनसुरा (बंगाल) था।
  • बाद में अंग्रेज़ों से पराजित होकर व्यापार छोड़ दिया।

🔹 3. अंग्रेज़ (British)

  • 1600 ई. में “ईस्ट इंडिया कंपनी” की स्थापना इंग्लैंड की रानी एलिजाबेथ प्रथम के चार्टर से हुई।
  • पहला कारखाना सूरत (1613) में स्थापित किया गया।
  • सर थॉमस रो 1615 में जहाँगीर के दरबार में आया और मुगल साम्राज्य में व्यापार की अनुमति प्राप्त की।

🔹 4. फ्रांसीसी (French)

  • 1664 ई. में “फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी” बनी।
  • प्रमुख केंद्र: पांडिचेरी, चंदननगर, करैकल, माहे।
  • अंग्रेज़ों से तीन कर्नाटक युद्धों में संघर्ष हुआ।

⚔️ भाग 2 : ब्रिटिश सत्ता की स्थापना

🏹 कर्नाटक युद्ध (1746–1763)

तीन प्रमुख युद्ध हुए —

  1. पहला कर्नाटक युद्ध (1746–48): फ्रांसीसी (डुप्ले) और अंग्रेज़ (क्लाइव) के बीच।

    • कारण: यूरोप में ऑस्ट्रिया उत्तराधिकार युद्ध।
    • परिणाम: माद्रास अंग्रेज़ों को वापस मिला।
  2. दूसरा कर्नाटक युद्ध (1749–54): नासिर जंग बनाम चंदा साहब।

    • अंग्रेज़ों ने मुहम्मद अली को समर्थन दिया और विजय प्राप्त की।
  3. तीसरा कर्नाटक युद्ध (1758–63):

    • निर्णायक युद्ध वांडीवाश (1760) में हुआ — अंग्रेज़ विजयी रहे।
    • भारत में फ्रांसीसी प्रभाव समाप्त हो गया।

🪔 भाग 3 : बंगाल पर ब्रिटिश नियंत्रण

🏰 प्लासी का युद्ध (1757 ई.)

  • पक्ष: अंग्रेज़ (क्लाइव) बनाम नवाब सिराजुद्दौला
  • कारण: अंग्रेज़ों द्वारा “क़स्बे” में किला निर्माण व व्यापारिक दुरुपयोग।
  • विश्वासघात: मीर जाफर ने नवाब का साथ छोड़ा।
  • परिणाम:
    • बंगाल पर अंग्रेज़ों की राजनीतिक सत्ता की शुरुआत।
    • मीर जाफर बंगाल का नवाब बनाया गया।

⚔️ बक्सर का युद्ध (1764 ई.)

  • पक्ष: अंग्रेज़ (हेक्टर मुनरो) बनाम
    • मीर कासिम (बंगाल),
    • शुजाउद्दौला (अवध),
    • शाह आलम द्वितीय (मुगल सम्राट)।
  • परिणाम: अंग्रेज़ों की निर्णायक विजय।
  • 1765 ई. – इलाहाबाद संधि:
    • कंपनी को बंगाल, बिहार, उड़ीसा की “दीवानी अधिकार” (राजस्व वसूली) प्राप्त हुई।
    • यहीं से अंग्रेज़ों का “वास्तविक शासन” शुरू होता है।

👑 भाग 4 : कंपनी शासन का विस्तार

🔹 प्रमुख गवर्नर-जनरल और सुधार कार्य

🧭 वारेन हेस्टिंग्स (1772–1785)

  • पहला गवर्नर-जनरल।
  • दीवानी प्रशासन की स्थापना की।
  • रेगुलेटिंग एक्ट (1773) लागू।
  • “पंचायत” और “आपराधिक न्यायालय” की नींव रखी।

⚖️ लॉर्ड कॉर्नवालिस (1786–93)

  • स्थायी बंदोबस्त प्रणाली (Permanent Settlement)” (1793) – बंगाल में भूमि व्यवस्था।
  • प्रशासनिक सुधार – “कॉर्नवालिस कोड”।
  • भारतीयों को उच्च पदों से वंचित किया गया।

💂 लॉर्ड वेलेजली (1798–1805)

  • सहायक संधि प्रणाली (Subsidiary Alliance)” लागू की।
  • हैदराबाद, अवध, मैसूर, पेशवा आदि इसके अधीन आए।
  • “मद्रास मिलिट्री कॉलेज” की स्थापना।

⚔️ लॉर्ड डलहौजी (1848–56)

  • लैप्स का सिद्धांत (Doctrine of Lapse)” लागू किया।
    • झाँसी, सतारा, नागपुर, जयपुर आदि राज्य विलय किए।
  • रेलवे, डाक, टेलीग्राफ प्रणाली की शुरुआत।
  • 1853 में पहली रेलवे लाइन: मुंबई से ठाणे (34 किमी)।
  • 1854 में शिक्षा का चार्टर (Wood’s Dispatch) जारी।

🔥 भाग 5 : 1857 की क्रांति (भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम)

🔹 कारण

  1. सैन्य कारण:
    • एनफील्ड राइफल की कारतूसों पर गाय और सूअर की चर्बी की अफवाह।
  2. राजनीतिक कारण:
    • “लैप्स नीति” से राज्यों का विलय।
  3. आर्थिक कारण:
    • भारी कर, भारतीय उद्योगों का पतन।
  4. सामाजिक-धार्मिक कारण:
    • ईसाई मिशनरियों की गतिविधियाँ।

🔹 प्रारंभ

  • 10 मई 1857मेरठ से आरंभ, दिल्ली में फैल गई।
  • मंगल पांडे – बराकपुर में पहला विद्रोह।
  • बहादुर शाह ज़फ़र – प्रतीकात्मक नेता बने।
  • प्रमुख केंद्र – कानपुर (नाना साहब), झाँसी (रानी लक्ष्मीबाई), अवध (बेगम हज़रत महल)

🔹 परिणाम

  • कंपनी शासन समाप्त।
  • 1858 ई. में “भारत शासन अधिनियम” से भारत का शासन ब्रिटिश क्राउन (रानी विक्टोरिया) के अधीन आया।
  • ईस्ट इंडिया कंपनी भंग कर दी गई।

👑 भाग 6 : ब्रिटिश शासन का काल (1858–1947)

🔹 वायसराय लार्ड कैनिंग (1858–1862)

  • भारत का पहला वायसराय।
  • भारतीय दंड संहिता (IPC) लागू।
  • 1858 में रानी विक्टोरिया की घोषणा।

🔹 लार्ड लिटन (1876–80)

  • “दुर्भिक्ष नीति” की आलोचना।
  • 1878 – वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट
  • 1877 – दिल्ली दरबार, रानी विक्टोरिया को “भारत की सम्राज्ञी” घोषित किया गया।

🔹 लार्ड रिपन (1880–84)

  • “भारतवासियों के लिए सबसे उदार गवर्नर-जनरल” कहा जाता है।
  • स्थानीय स्वशासन की शुरुआत।
  • हंटर आयोग (शिक्षा पर, 1882)
  • इल्बर्ट बिल विवाद (1883)

🇮🇳 भाग 7 : राष्ट्रीय आंदोलन का प्रारंभ

🔹 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना (1885)

  • संस्थापक: ए. ओ. ह्यूम (Allan Octavian Hume)
  • प्रथम अधिवेशन: 1885, मुंबई
  • अध्यक्ष: वोमेश चंद्र बनर्जी।

🔹 कांग्रेस के दो धड़े

  • उदारवादी (Moderates): दादाभाई नौरोजी, गोपालकृष्ण गोखले, फिरोजशाह मेहता।
  • गरमपंथी (Extremists): बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय, बिपिन चंद्र पाल।

📚 भाग 8 : प्रमुख आंदोलन व घटनाएँ

🧨 बंगाल विभाजन (1905)

  • लार्ड कर्जन द्वारा किया गया।
  • कारण: “प्रशासनिक सुविधा” (वास्तव में फूट डालो नीति)।
  • विरोध में “स्वदेशी आंदोलन” और “बहिष्कार आंदोलन” प्रारंभ।

🇮🇳 कांग्रेस विभाजन (1907)

  • सूरत अधिवेशन में गरम दल और नरम दल में विभाजन।

✊ क्रांतिकारी आंदोलन

  • प्रमुख क्रांतिकारी:
    • खुदीराम बोस, भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, चंद्रशेखर आज़ाद
    • अनुशीलन समिति, हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) आदि संगठनों की स्थापना।

🕊️ भाग 9 : गांधी युग (1915–1947)

🔹 गांधीजी का भारत आगमन – 1915

  • दक्षिण अफ्रीका से लौटे।
  • प्रारंभिक आंदोलन:
    1. चंपारण सत्याग्रह (1917) – नील की खेती के खिलाफ।
    2. खेड़ा आंदोलन (1918) – कर माफी की मांग।
    3. अहमदाबाद मिल हड़ताल (1918) – मजदूर अधिकारों हेतु।

🔹 असहयोग आंदोलन (1920–22)

  • जलियाँवाला बाग हत्याकांड (1919) और रॉलेट एक्ट के विरोध में।
  • गांधीजी ने “असहयोग” और “खादी” का संदेश दिया।
  • चौरी-चौरा कांड (1922) के बाद आंदोलन स्थगित।

🔹 सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930–34)

  • नमक सत्याग्रह से आरंभ – दांडी यात्रा (12 मार्च 1930)।
  • “नमक कानून” तोड़ा गया।
  • गांधी-इरविन समझौता (1931)

🔹 भारत छोड़ो आंदोलन (1942)

  • नारा: “करो या मरो”
  • अंग्रेज़ों को भारत से बाहर करने की माँग।
  • संपूर्ण देश में हिंसक और अहिंसक विरोध।

🧭 भाग 10 : स्वतंत्रता की दिशा में अंतिम कदम

🔹 1942 के बाद की घटनाएँ

  • सुभाषचंद्र बोस द्वारा “आजाद हिंद फौज (INA)” की स्थापना।
  • नारा: “जय हिंद” और “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूँगा।”

🔹 कैबिनेट मिशन (1946)

  • उद्देश्य: भारत में संविधान निर्माण की रूपरेखा।
  • कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच मतभेद।

🔹 भारत स्वतंत्रता अधिनियम (1947)

  • ब्रिटिश संसद ने पारित किया।
  • भारत को 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता प्राप्त हुई।
  • देश का विभाजन – भारत और पाकिस्तान।
  • लॉर्ड माउंटबेटन अंतिम वायसराय बने।
  • जवाहरलाल नेहरू स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री बने।

⚖️ भाग 11 : सामाजिक और धार्मिक सुधार आंदोलन

सुधारक संगठन / आंदोलन उद्देश्य
राजा राममोहन राय ब्रह्म समाज (1828) सती प्रथा, बाल विवाह का विरोध
स्वामी दयानंद सरस्वती आर्य समाज (1875) वेदों की ओर लौटो, मूर्ति पूजा का विरोध
ईश्वरचंद्र विद्यासागर - विधवा पुनर्विवाह का समर्थन
स्वामी विवेकानंद रामकृष्ण मिशन (1897) भारतीय संस्कृति और आत्मबल का प्रसार
सर सैयद अहमद खान अलीगढ़ आंदोलन मुस्लिम शिक्षा सुधार
पंडिता रमाबाई महिला शिक्षा आंदोलन नारी सशक्तिकरण

🏛️ भाग 12 : भारतीय शासन प्रणाली के सुधार अधिनियम

अधिनियम वर्ष प्रमुख प्रावधान
रेगुलेटिंग एक्ट 1773 गवर्नर-जनरल की नियुक्ति
पिट्स इंडिया एक्ट 1784 कंपनी और क्राउन में शक्तियों का विभाजन
चार्टर एक्ट 1813, 1833, 1853 व्यापार एकाधिकार समाप्त, भारतीयों को प्रशासन में अवसर
भारतीय परिषद अधिनियम 1861, 1892 विधान परिषदों की स्थापना
मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार 1919 द्वैध शासन प्रणाली (Diarchy)
भारत सरकार अधिनियम 1935 प्रांतीय स्वायत्तता
भारत स्वतंत्रता अधिनियम 1947 भारत की स्वतंत्रता व विभाजन

🇮🇳 निष्कर्ष (Conclusion)

भारत का आधुनिक इतिहास संघर्ष, सुधार और स्वतंत्रता का इतिहास है।
यह काल केवल अंग्रेज़ों के शासन का नहीं बल्कि भारतीयों की जागरूकता, एकता और बलिदान की गाथा भी है।

  • राजा राममोहन राय से लेकर महात्मा गांधी तक –
    सभी ने समाज सुधार और स्वतंत्रता दोनों के लिए संघर्ष किया।
  • 1947 की स्वतंत्रता सैकड़ों वर्षों के संघर्ष का परिणाम थी।



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