मध्य प्रदेश पुलिस परीक्षा 2025
आरक्षक, सूबेदार और सहायक उपनिरीक्षक
🏰 भारत का मध्यकालीन इतिहास (1206 ई. – 1857 ई.)
🔶 प्रस्तावना :
भारत का इतिहास सामान्यतः तीन भागों में बाँटा जाता है—
- प्राचीन काल (600 ई.पू. – 1206 ई.)
- मध्यकालीन काल (1206 ई. – 1857 ई.)
- आधुनिक काल (1858 ई. – वर्तमान तक)
मध्यकालीन काल वह समय था जब भारत में मुस्लिम शासन की स्थापना हुई और बाद में मुगल साम्राज्य के रूप में यह चरम पर पहुँचा। इस युग में प्रशासनिक व्यवस्था, सांस्कृतिक समन्वय, धार्मिक सुधार, कला, स्थापत्य, संगीत और साहित्य का अद्भुत विकास हुआ।
🕌 1. दिल्ली सल्तनत (1206 – 1526 ई.)
दिल्ली सल्तनत भारत में मुस्लिम शासन का प्रारंभिक दौर था। इसे पाँच प्रमुख वंशों में बाँटा जाता है—
(1) गुलाम वंश (1206 – 1290 ई.)
🔹 संस्थापक – कुतुबुद्दीन ऐबक
- मुहम्मद गोरी का दास था, उसकी मृत्यु (1206 ई.) के बाद उसने लाहौर में सत्ता संभाली।
- दिल्ली में कुतुबमीनार का निर्माण आरंभ कराया।
- कव्वाद-उल-इस्लाम मस्जिद का निर्माण कराया।
- उसे "लख बख्श" कहा गया (क्योंकि वह उदार था)।
- मृत्यु – घोड़े से गिरने से (लाहौर, 1210 ई.)
🔹 इल्तुतमिश (1211 – 1236 ई.)
- दिल्ली को राजधानी बनाया।
- चालुक्य सिक्के प्रणाली की शुरुआत की (टंका–सोना, जिटल–तांबा)।
- राज्य की सच्ची नींव उसी ने रखी।
- चालिस (40) नामक तुर्क सरदारों की परिषद बनाई।
- रज़िया सुल्तान उसकी पुत्री थी।
🔹 रज़िया सुल्तान (1236 – 1240 ई.)
- दिल्ली की प्रथम महिला शासक।
- अबीसिनियन (हब्शी) दास याकूत पर अत्यधिक विश्वास किया।
- विरोध के कारण सिंहासन से हटाई गई और मार दी गई।
🔹 बलबन (1266 – 1287 ई.)
- सुल्तान बनने से पहले नायब-ए-सुल्तान था।
- “न्याय के कठोर सिद्धांत” के लिए प्रसिद्ध।
- दरबार में “नियमत-ए-खास” प्रथा लागू की (राजकीय सम्मान व्यवस्था)।
- “सुल्तान का व्यक्तित्व ईश्वर के समान है” – यह उसकी राजनीतिक नीति थी।
(2) खिलजी वंश (1290 – 1320 ई.)
🔹 जलालुद्दीन खिलजी (1290 – 1296 ई.)
- दिल्ली का पहला खिलजी सुल्तान।
- सहिष्णु नीति अपनाई।
🔹 अलाउद्दीन खिलजी (1296 – 1316 ई.)
- सबसे प्रसिद्ध खिलजी शासक।
- चाचा जलालुद्दीन की हत्या कर सत्ता प्राप्त की।
- मंगोल आक्रमणों से भारत की रक्षा की।
- दक्षिण भारत पर अभियान – मालिक काफूर के नेतृत्व में।
- प्रशासनिक सुधार :
- मूल्य नियंत्रण प्रणाली लागू की।
- बाजार निरीक्षक – शहना-ए-मंडी की नियुक्ति की।
- खुम्स (लूट का पाँचवाँ भाग) प्रणाली लागू की।
- दास प्रथा को सीमित किया।
- चित्तौड़ का विजय (1303 ई.) – रानी पद्मिनी की कथा प्रसिद्ध है।
(3) तुगलक वंश (1320 – 1414 ई.)
🔹 गयासुद्दीन तुगलक (1320 – 1325 ई.)
- दिल्ली के तुगलकाबाद किले का निर्माण किया।
- सख्त शासक था।
🔹 मुहम्मद बिन तुगलक (1325 – 1351 ई.)
- इतिहास का सबसे विचित्र और बुद्धिमान शासक।
- उसकी 5 प्रमुख नीतियाँ –
- राजधानी स्थानांतरण – दिल्ली से दौलताबाद।
- तांबे-पीतल के सिक्के चलवाए।
- खुरासान अभियान – असफल।
- दोहा (सिंधु घाटी) में कृषि विस्तार योजना।
- कर वृद्धि नीति – असफल।
- उसे “दिल्ली का पागल राजा” भी कहा गया।
🔹 फिरोजशाह तुगलक (1351 – 1388 ई.)
- दासों की संख्या बढ़ाई।
- फिरोजशाह कोटला, फिरोजाबाद शहर बसाया।
- हिंदुओं पर जजिया कर पुनः लगाया।
- तुगलकनामा नामक आत्मकथा जैसी पुस्तक लिखी।
(4) सैयद वंश (1414 – 1451 ई.)
- कमजोर वंश, केवल नाम मात्र का शासन।
- खिज्र खां ने इसे स्थापित किया।
- अंततः बहलोल लोदी ने सत्ता हथिया ली।
(5) लोदी वंश (1451 – 1526 ई.)
🔹 बहलोल लोदी (1451 – 1489 ई.)
- अफगान शासक।
- जौनपुर राज्य का विलय किया।
🔹 सिकंदर लोदी (1489 – 1517 ई.)
- “दिल्ली का दूसरा अशोक” कहा गया।
- अग्नि परीक्षा प्रणाली समाप्त की।
- आगरा शहर की स्थापना की (1504 ई.)।
- हिंदुओं के प्रति सहिष्णु था।
🔹 इब्राहिम लोदी (1517 – 1526 ई.)
- आखिरी लोदी शासक।
- 1526 ई. पानीपत का प्रथम युद्ध – बाबर ने उसे पराजित किया।
- इसी से दिल्ली सल्तनत का अंत और मुगल साम्राज्य का प्रारंभ हुआ।
🏯 2. मुगल साम्राज्य (1526 – 1857 ई.)
🔹 बाबर (1526 – 1530 ई.)
- वास्तविक नाम – जहीरुद्दीन मुहम्मद बाबर।
- वंश – तैमूरी (पिता की ओर से) व चंगेज खां (माता की ओर से)।
- 1526 ई. – पहला पानीपत युद्ध – इब्राहिम लोदी पर विजय।
- 1527 ई. – खानवा का युद्ध – राणा सांगा पर विजय।
- 1528 ई. – चंदेरी युद्ध।
- 1529 ई. – घाघरा युद्ध।
- “तुगियुक-ए-बाबरी (तुज़ुक-ए-बाबरी)” उसकी आत्मकथा है।
🔹 हुमायूँ (1530 – 1556 ई.)
- 1539 ई. – चौसा का युद्ध (शेरशाह सूरी से हार)।
- 1540 ई. – कन्नौज की हार।
- ईरान में शरण ली।
- 1555 ई. में पुनः दिल्ली पर अधिकार किया।
- 1556 ई. – सीढ़ियों से गिरकर मृत्यु।
🔹 शेरशाह सूरी (1540 – 1545 ई.)
- वास्तविक नाम – फरीद खान।
- उपाधि – “शेरशाह” (क्योंकि उसने शेर मारा था)।
- प्रशासनिक सुधार :
- सड़क व्यवस्था – ग्रैंड ट्रंक रोड।
- डाक व्यवस्था, सिक्का व्यवस्था (रुपया) की शुरुआत।
- पट्टा और कबूलियत प्रणाली लागू की।
- भूमि सर्वेक्षण कराया।
- उसे “भारत का दूसरा चंद्रगुप्त” कहा गया।
🔹 अकबर (1556 – 1605 ई.)
- शासनकाल – 49 वर्ष।
- 1556 ई. – पानीपत का द्वितीय युद्ध (हेमू पर विजय)।
- बैरम खाँ उसका संरक्षक था।
🔹 नीति व शासन:
- मानसबदारी प्रणाली लागू की।
- दीन-ए-इलाही धर्म चलाया।
- जजिया कर समाप्त किया।
- सुलह-ए-कुल (सर्वधर्म समभाव) नीति अपनाई।
- राजपूत नीति – विवाह-संबंधों से साम्राज्य स्थिर किया।
- प्रसिद्ध नवरत्न – बीरबल, तानसेन, अबुल फज़ल, फैयाजी, राजा टोडरमल आदि।
🔹 जहाँगीर (1605 – 1627 ई.)
- अकबर का पुत्र।
- पत्नी – नूरजहाँ (वास्तविक नाम मेहर-उन-निसा)।
- उसने शासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- जहाँगीर का न्याय प्रसिद्ध था (“घंटी वाला न्याय”)।
- कैप्टन हॉकिन्स व सर थॉमस रो उसके दरबार में आए (अंग्रेज़ व्यापारी)।
🔹 शाहजहाँ (1628 – 1658 ई.)
- प्रसिद्ध स्थापत्य काल।
- ताजमहल (1631–1653) – मुमताज़ महल की स्मृति में।
- लालकिला, जामा मस्जिद, मोती मस्जिद का निर्माण।
- राजधानी – आगरा से दिल्ली स्थानांतरित।
- अंतिम समय में पुत्र औरंगजेब ने बंदी बना लिया।
🔹 औरंगजेब (1658 – 1707 ई.)
- अंतिम शक्तिशाली मुगल शासक।
- जजिया कर पुनः लगाया।
- मराठों, सिखों और राजपूतों से संघर्ष।
- गोलगुंबज (बीजापुर) के विजेता।
- कठोर धार्मिक नीति के कारण मुगल शक्ति कमजोर हुई।
⚔️ 3. मुगल साम्राज्य का पतन और क्षेत्रीय राज्य
1707 ई. में औरंगजेब की मृत्यु के बाद मुगल साम्राज्य कमजोर हो गया।
🔹 प्रमुख उत्तराधिकारी:
- बहादुर शाह-I (1707–1712)
- फर्रुखसियर (1713–1719)
- मुहम्मद शाह (1719–1748)
- अहमदशाह, आलमगीर II, शाह आलम II आदि
🔹 1739 – नादिरशाह का आक्रमण :
- दिल्ली पर आक्रमण किया।
- मयूर सिंहासन और कोहिनूर हीरा लूट लिया।
🔹 1761 – तीसरा पानीपत युद्ध :
- अहमदशाह अब्दाली ने मराठों को हराया।
- इससे भारत में अराजकता बढ़ी और ब्रिटिश सत्ता के लिए रास्ता खुला।
⚙️ 4. प्रमुख क्षेत्रीय शक्तियाँ (1707 – 1857)
🔸 मराठा शक्ति :
- संस्थापक – छत्रपति शिवाजी महाराज (1674 ई.)
- राजधानी – रायगढ़।
- प्रशासन – अष्टप्रधान परिषद (8 मंत्री)।
- उत्तराधिकार – शंभाजी, राजाराम, ताराबाई, पेशवा बाजीराव-I, माधवराव आदि।
- 1761 ई. तीसरा पानीपत युद्ध – अब्दाली से हार।
🔸 सिख शक्ति :
- संस्थापक – गुरु नानक देव (1469 ई.)।
- दसवें गुरु – गुरु गोविंद सिंह ने “खालसा पंथ” की स्थापना की (1699 ई.)।
- महाराजा रणजीत सिंह (1799–1839) – सिख साम्राज्य का संस्थापक।
🔸 बंगाल, अवध, हैदराबाद, मैसूर :
- सिराजुद्दौला (बंगाल) – 1757 में प्लासी के युद्ध में पराजित।
- टीपू सुल्तान (मैसूर) – चार युद्ध अंग्रेजों से लड़े, 1799 में शहीद।
- नवाब वाजिद अली शाह (अवध) – ब्रिटिश अधीनता।
- हैदराबाद – निजाम द्वारा शासित।
🇬🇧 5. ब्रिटिश सत्ता का उदय (1757 – 1857)
🔹 प्लासी का युद्ध (1757 ई.)
- ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी बनाम सिराजुद्दौला।
- रॉबर्ट क्लाइव ने जीत हासिल की।
- बंगाल पर अंग्रेज़ों का प्रभुत्व।
🔹 बक्सर का युद्ध (1764 ई.)
- अंग्रेज़ बनाम मीरकासिम, शुजाउद्दौला, शाह आलम द्वितीय।
- परिणाम – बंगाल, बिहार, उड़ीसा पर कंपनी की “दीवानी अधिकार”।
🔹 गवर्नर-जनरल काल:
- वारेन हेस्टिंग्स (1773–1785) – पहला गवर्नर-जनरल।
- लॉर्ड कॉर्नवालिस – दीवानी सुधार।
- लॉर्ड वेल्सली – सहायक संधि नीति।
- लॉर्ड डलहौजी – “लैप्स नीति (Doctrine of Lapse)।”
- 1857 – प्रथम स्वतंत्रता संग्राम तक ब्रिटिश शक्ति का विस्तार।
⚡ 6. 1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम
🔹 कारण :
- सैन्य असंतोष – कारतूसों पर पशु वसा की अफवाह।
- राजनीतिक नीति – लैप्स नीति से असंतोष।
- धार्मिक हस्तक्षेप।
- आर्थिक शोषण।
🔹 प्रारंभ :
- 10 मई 1857, मेरठ से मंगल पांडे के नेतृत्व में।
- प्रमुख केंद्र – दिल्ली, कानपुर, झाँसी, ग्वालियर, लखनऊ।
- प्रमुख नेता –
- दिल्ली – बहादुरशाह ज़फर
- कानपुर – नाना साहब
- झाँसी – रानी लक्ष्मीबाई
- बिहार – कुंवर सिंह
🔹 परिणाम :
- ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त।
- भारत ब्रिटिश क्राउन (राजा/रानी) के अधीन (1858 से)।
- नई प्रशासनिक व्यवस्था – वायसराय प्रणाली।
🪶 7. मध्यकालीन भारत की संस्कृति, कला और स्थापत्य
🔸 स्थापत्य कला :
- कुतुबमीनार – कुतुबुद्दीन ऐबक/इल्तुतमिश।
- अलाइ दरवाजा – अलाउद्दीन खिलजी।
- ताजमहल, लालकिला, जामा मस्जिद – शाहजहाँ।
- गोलगुंबज – बीजापुर, दक्कन शैली।
🔸 साहित्य :
- तुज़ुक-ए-बाबरी, आइन-ए-अकबरी, अकबरनामा।
- फिरोजशाह तुगलक की आत्मकथा – तुगलकनामा।
- भक्ति आंदोलन – कबीर, मीरा, सूरदास, तुलसीदास।
- सूफी आंदोलन – ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती, निजामुद्दीन औलिया।
🔸 संगीत :
- तानसेन – अकबर के दरबार का संगीत सम्राट।
- कव्वाली, ख्याल, ठुमरी जैसी शैलियाँ इसी युग में विकसित हुईं।
🧭 8. धार्मिक और सामाजिक आंदोलन
🔹 भक्ति आंदोलन :
- उद्देश्य – धर्म के नाम पर ऊँच-नीच और पाखंड का विरोध।
- प्रमुख संत :
- उत्तर भारत – कबीर, सूरदास, मीरा, तुलसी।
- दक्षिण भारत – रामानुज, बसवेश्वर, नामदेव।
- भाषा – लोकभाषाएँ (हिंदी, ब्रज, अवधी)।
🔹 सूफी आंदोलन :
- इस्लाम के रहस्यवादी संतों का आंदोलन।
- प्रेम, सहिष्णुता, एकेश्वरवाद का प्रचार।
- प्रमुख – ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती (अजमेर), निजामुद्दीन औलिया (दिल्ली)।
⚖️ 9. प्रशासन और शासन व्यवस्था
| विशेषता | दिल्ली सल्तनत | मुगल शासन |
|---|---|---|
| शासक की उपाधि | सुल्तान | बादशाह |
| भूमि व्यवस्था | इक्ता प्रणाली | ज़ब्ती व मनसबदारी प्रणाली |
| राजस्व अधिकारी | अमील, मुशर्रिफ | दीवान, आमिल |
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