🇮🇳 ऐतिहासिक सूची
भारत के उपराष्ट्रपतियों की सूची और उनके महत्वपूर्ण योगदान
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• डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन
योगदान: एक महान दार्शनिक और शिक्षाविद्। राज्यसभा के पहले सभापति के रूप में सदन की कार्यवाही को व्यवस्थित और मर्यादित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
2
• डॉ. ज़ाकिर हुसैन
योगदान: शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और विकास के लिए समर्पित रहे। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में कार्य किया।
3
• श्री वी.वी. गिरि
योगदान: एक जाने-माने श्रम नेता और अर्थशास्त्री। उपराष्ट्रपति पद पर रहते हुए श्रम कानूनों और औद्योगिक संबंधों पर विशेषज्ञता प्रदान की।
4
• श्री गोपाल स्वरूप पाठक
योगदान: एक प्रतिष्ठित विधिवेत्ता, जिन्होंने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय कानूनी मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व किया।
5
• श्री बी डी ज़त्ति
योगदान: कर्नाटक (मैसूर राज्य) के मुख्यमंत्री के रूप में प्रशासनिक अनुभव। उन्होंने उपराष्ट्रपति के रूप में राजनीतिक स्थिरता बनाए रखने में योगदान दिया।
6
• श्री एम. हिदायतुल्ला
योगदान: भारत के मुख्य न्यायाधीश भी रहे। उपराष्ट्रपति के रूप में, वे कानूनी और संवैधानिक मामलों के विशेषज्ञ के रूप में जाने गए।
7
• श्री आर. वेंकटरमन
योगदान: वित्त और रक्षा मंत्री के रूप में कार्य किया। उपराष्ट्रपति के रूप में, उन्होंने सार्वजनिक वित्त और आर्थिक नीतियों के ज्ञान से देश को लाभान्वित किया।
8
• डॉ. शंकर दयाल शर्मा
योगदान: एक विद्वान और सार्वजनिक सेवक। उन्होंने संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने पर ज़ोर दिया।
9
• श्री के.आर. नारायणन
योगदान: एक प्रतिष्ठित राजनयिक और विद्वान। उपराष्ट्रपति के रूप में, उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय मामलों में अपने अनुभव का उपयोग किया।
10
• श्री कृष्णकांत
योगदान: एक स्वतंत्रता सेनानी और दूरदर्शी राजनेता। उन्होंने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और संसदीय लोकतंत्र के मुद्दों पर सक्रिय रूप से बात की।
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• श्री भैरों सिंह शेखावत
योगदान: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री। उपराष्ट्रपति के रूप में, उन्होंने राज्य प्रशासन और जमीनी स्तर की राजनीति में अपने व्यापक अनुभव का परिचय दिया।
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• श्री मोहम्मद हामिद अंसारी
योगदान: 10 वर्षों तक उपराष्ट्रपति पद पर रहे। एक पूर्व राजनयिक, उन्होंने राज्यसभा के सभापति के रूप में सदन की मर्यादा और बहस की गुणवत्ता बनाए रखने पर ज़ोर दिया।
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• श्री एम. वेंकैया नायडु
योगदान: उन्होंने संसदीय कार्यवाही को सुचारू बनाने और मातृभाषाओं के उपयोग को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया। 'उपराष्ट्रपति निवास संवाद' जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से संवाद बढ़ाया।
14
• श्री जगदीप धनखड़
योगदान: राजस्थान उच्च न्यायालय के पूर्व अधिवक्ता और पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल। राज्यसभा के सभापति के रूप में, वे सदन में नियम-आधारित और अनुशासित बहस सुनिश्चित करने पर ज़ोर देते हैं।
15
• श्री सी.पी. राधाकृष्णन
योगदान: (वर्तमान उपराष्ट्रपति) वे वर्तमान में भारत के उपराष्ट्रपति के रूप में कार्यरत हैं और अपनी नई जिम्मेदारियाँ निभा रहे हैं।
सूचना स्रोत (शपथ-ग्रहण और आधिकारिक विवरण):
Govt. Vice-President site / PIB press release (12 Sep 2025)।
Sources:
Shri C.P. Radhakrishnan sworn in — Vice-President of India (official).
अधिकारिक प्रेस रिलीज़ और आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार; अन्य संदर्भों में समाचार रिपोर्ट्स शामिल।
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अधिकारिक प्रेस रिलीज़ और आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार; अन्य संदर्भों में समाचार रिपोर्ट्स शामिल।
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