प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी 2.0: पात्रता, लाभ, सब्सिडी एवं नवीनतम सरकारी अपडेट
🏠 ₹ लाखों की सब्सिडी! PM Awas Yojana–Urban 2.0 से शहरी गरीबों को बड़ी राहत
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🔷 1. भूमिका (Introduction)
भारत में सबके लिए आवास (Housing for All) का सपना केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी (PMAY-U) के माध्यम से साकार किया जा रहा है।
इसके नए और उन्नत संस्करण PM Awas Yojana–Urban 2.0 को शहरी गरीब, मध्यम वर्ग और प्रवासी श्रमिकों की बदलती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन किया गया है।
यह योजना सामाजिक न्याय, शहरी विकास, आर्थिक सशक्तिकरण और कल्याणकारी राज्य जैसे विषयों से सीधे जुड़ी हुई है।
🔷 2. योजना का उद्देश्य (Objectives)
- शहरी क्षेत्रों में पक्का, सुरक्षित और किफायती आवास उपलब्ध कराना
- EWS, LIG, MIG वर्गों को घर खरीदने या निर्माण में वित्तीय सहायता
- झुग्गी-झोपड़ी उन्मूलन और सम्मानजनक जीवन स्तर
- महिलाओं, दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता
- सस्टेनेबल और ग्रीन हाउसिंग को बढ़ावा
🔷 3. योजना के घटक (Verticals)
In-Situ Slum Redevelopment के तहत झुग्गी बस्तियों का उसी स्थान पर पुनर्विकास किया जाता है।
Credit Linked Subsidy Scheme के माध्यम से होम लोन पर ब्याज सब्सिडी मिलती है।
Affordable Housing in Partnership में सरकार और निजी क्षेत्र मिलकर किफायती आवास उपलब्ध कराते हैं।
Beneficiary Led Construction के अंतर्गत लाभार्थी स्वयं घर बनाता है और सरकार सहायता देती है।
🔷 4. पात्रता (Eligibility)
पक्का मकान नहीं होना चाहिए, शहरी क्षेत्र का निवासी होना अनिवार्य है और आधार कार्ड आवश्यक है।
आय वर्ग में EWS ₹3 लाख तक, LIG ₹3–6 लाख, MIG-I ₹6–12 लाख और MIG-II ₹12–18 लाख शामिल हैं।
🔷 5. सब्सिडी व वित्तीय लाभ
EWS और LIG वर्ग को 6.5 प्रतिशत तक ब्याज सब्सिडी, MIG-I को 4 प्रतिशत और MIG-II को 3 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलती है।
अधिकतम वित्तीय लाभ ₹2.67 लाख तक हो सकता है।
महिला स्वामित्व और वरिष्ठ नागरिकों को विशेष प्राथमिकता दी जाती है।
🔷 6. नवीनतम सरकारी अपडेट
डिजिटल आवेदन प्रक्रिया, GIS आधारित निगरानी, प्रवासी श्रमिकों के लिए रेंटल हाउसिंग,
राज्यों को अधिक लचीलापन और ग्रीन बिल्डिंग टेक्नोलॉजी को बढ़ावा दिया गया है।
🔷 7. सामाजिक एवं आर्थिक महत्व
यह योजना गरीबी उन्मूलन, रोजगार सृजन, बैंकिंग और रियल एस्टेट सेक्टर को मजबूती,
महिला सशक्तिकरण और शहरी बुनियादी ढांचे के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
🔷 8. चुनौतियाँ
भूमि की कमी, राज्यों और ULBs की कार्यक्षमता, जागरूकता का अभाव और तेज़ शहरी प्रवासन प्रमुख चुनौतियाँ हैं।
🔷 9. आगे की राह
Public–Private Partnership को मज़बूत करना, लाभार्थी जागरूकता अभियान,
टेक्नोलॉजी आधारित मॉनिटरिंग और किफायती रेंटल हाउसिंग का विस्तार आवश्यक है।
🔷 10. परीक्षा उपयोगी तथ्य
योजना केंद्र सरकार द्वारा संचालित है।
लक्ष्य Housing for All Urban है।
प्रमुख घटक ISSR, CLSS, AHP और BLC हैं।
अधिकतम सब्सिडी ₹2.67 लाख है।
UPSC GS-II और GS-III के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण।

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