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भारत के अंतरिक्ष स्टार्टअप्स: स्काईरूट और अग्निकुल बनाम स्पेसएक्स – नई अंतरिक्ष दौड़ 🚀

 

भारत के अंतरिक्ष स्टार्टअप्स: स्काईरूट और अग्निकुल
भारत के अंतरिक्ष स्टार्टअप्स: स्काईरूट और अग्निकुल बनाम स्पेसएक्स – नई अंतरिक्ष दौड़ 🚀
UPSC • MPPSC • SSC • Banking • Railway Exam Oriented Special Report
✍️ Author: R. Littey
📝 Blog: MPSelectionPoint
भूमिका: भारत की नई अंतरिक्ष क्रांति
21वीं सदी में अंतरिक्ष केवल वैज्ञानिक अनुसंधान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह अर्थव्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा, संचार, मौसम पूर्वानुमान और वैश्विक शक्ति संतुलन का महत्वपूर्ण आधार बन चुका है। 2020 के बाद भारत में निजी अंतरिक्ष स्टार्टअप्स का युग शुरू हुआ। Skyroot Aerospace और Agnikul Cosmos ने यह सिद्ध कर दिया कि भारत अब Global Space Economy में निजी भागीदारी के साथ आगे बढ़ रहा है।
1. वैश्विक अंतरिक्ष दौड़: SpaceX का मॉडल
SpaceX की स्थापना 2002 में एलन मस्क द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य अंतरिक्ष को सस्ता, सुलभ और पुन: उपयोग योग्य बनाना है। Falcon 9 जैसे Reusable Rockets, NASA के साथ अनुबंध और Starlink परियोजना ने SpaceX को वैश्विक नेतृत्व प्रदान किया।
2. भारत में निजी अंतरिक्ष क्षेत्र की शुरुआत
2020 के Space Sector Reforms ने निजी कंपनियों को रॉकेट लॉन्च की अनुमति दी। IN-SPACe और NSIL जैसी संस्थाओं ने ISRO के इंफ्रास्ट्रक्चर तक पहुंच आसान बनाई। IN-SPACe का मुख्यालय अहमदाबाद में स्थित है।
3. Skyroot Aerospace
2018 में स्थापित Skyroot Aerospace का मुख्यालय हैदराबाद में है। Vikram-S भारत का पहला निजी Sub-Orbital Rocket Launch था। इसका लक्ष्य Small Satellite Market के लिए किफायती लॉन्च सेवाएँ देना है।
4. Agnikul Cosmos
Agnikul Cosmos ने 3D Printing और Semi-Cryogenic Engine तकनीक का उपयोग किया। Agnibaan SOrTeD मिशन ने भारत को निजी ऑर्बिटल लॉन्च की दिशा में आगे बढ़ाया।
5. Skyroot बनाम Agnikul
बिंदु Skyroot Agnikul
मुख्य फोकस स्मॉल सैटेलाइट कस्टम लॉन्च
इंजन सॉलिड + लिक्विड Semi-Cryogenic
टेक्नोलॉजी Reusable Vision 3D Printing
6. भारत बनाम SpaceX
भारत के पास Low-Cost Engineering, ISRO का सहयोग और युवा मानव संसाधन है। Asia-Africa क्षेत्र में भारत Low-Cost Space Launch Hub बन सकता है।
7. अर्थव्यवस्था और रोजगार
भारत की Space Economy में हिस्सेदारी लगभग 2 प्रतिशत है। 2030 तक इसे 50 Billion डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इससे हजारों उच्च-कौशल रोजगार सृजित होंगे।
8. परीक्षा के लिए संभावित प्रश्न
IN-SPACe का मुख्य कार्य निजी कंपनियों को अंतरिक्ष गतिविधियों की अनुमति देना है। Mains प्रश्न: भारत में निजी अंतरिक्ष स्टार्टअप्स की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
9. निष्कर्ष
Skyroot और Agnikul भारत की रणनीतिक और आर्थिक शक्ति के नए प्रतीक हैं। जिस प्रकार SpaceX ने अमेरिका को आगे बढ़ाया, उसी प्रकार ये स्टार्टअप्स भारत को New Space Superpower बना सकते हैं।
ISRO ने रास्ता दिखाया, अब स्टार्टअप्स उड़ान भर रहे हैं 🚀
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