शब्द रचना और व्याकरणिक इकाइयाँ – समास (Revision Notes)
MP TET 2026 | वर्ग 1, 2, 3 | Maha Revision Notes
MP TET 2026 | वर्ग 1, 2, 3 | Maha Revision Notes
विषय: समास – अव्ययीभाव, तत्पुरुष, कर्मधारय, द्विगु, द्वंद्व और बहुव्रीहि
1. समास क्या है?
दो या दो से अधिक शब्दों को मिलाकर जब एक नया संक्षिप्त शब्द बनाया जाता है, उसे समास कहते हैं।
सरल परिभाषा:
दो शब्दों का संक्षिप्त मेल = समास
दो शब्दों का संक्षिप्त मेल = समास
उदाहरण:
राजा का पुत्र = राजपुत्र
राजा का पुत्र = राजपुत्र
2. समास का अर्थ
समास = संक्षेप
- शब्द छोटे हो जाते हैं
- अर्थ बना रहता है
- भाषा प्रभावशाली बनती है
3. समास के अंग
पूर्वपद: पहला शब्द
उत्तरपद: दूसरा शब्द
उदाहरण:
राजपुत्र → राज = पूर्वपद, पुत्र = उत्तरपद
उत्तरपद: दूसरा शब्द
उदाहरण:
राजपुत्र → राज = पूर्वपद, पुत्र = उत्तरपद
4. समास-विग्रह क्या है?
समस्त पद को अलग-अलग करके उसका अर्थ बताना समास-विग्रह कहलाता है।
राजपुत्र = राजा का पुत्र
राजपुत्र = राजा का पुत्र
5. समास के मुख्य प्रकार
- अव्ययीभाव
- तत्पुरुष
- कर्मधारय
- द्विगु
- द्वंद्व
- बहुव्रीहि
6. अव्ययीभाव समास
जिस समास में पहला पद प्रधान हो और पूरा शब्द अव्यय बन जाए।
✅ पहला पद प्रधान
✅ अव्यय रूप
✅ अव्यय रूप
| समास | विग्रह |
|---|---|
| प्रतिदिन | प्रत्येक दिन |
| यथाशक्ति | शक्ति के अनुसार |
| आजीवन | जीवन भर |
| भरपेट | पेट भरकर |
7. तत्पुरुष समास
जिस समास में दूसरा पद प्रधान हो उसे तत्पुरुष समास कहते हैं।
✅ उत्तरपद प्रधान
✅ विभक्ति लुप्त होती है
✅ विभक्ति लुप्त होती है
| समास | विग्रह |
|---|---|
| राजपुत्र | राजा का पुत्र |
| ग्रामवासी | ग्राम में वास करने वाला |
| जलपान | जल का पान |
| हस्तलिखित | हाथ से लिखा |
8. तत्पुरुष के उपभेद
कर्म, करण, संप्रदान, अपादान, संबंध और अधिकरण तत्पुरुष।
9. कर्मधारय समास
जिसमें दोनों पदों में विशेषण-विशेष्य संबंध हो।
✅ पहला पद विशेषण
✅ दूसरा पद विशेष्य
✅ दूसरा पद विशेष्य
| समास | विग्रह |
|---|---|
| नीलकमल | नीला कमल |
| महापुरुष | महान पुरुष |
| पीताम्बर | पीला अम्बर |
10. द्विगु समास
जिस समास का पहला पद संख्या बताता हो।
✅ पहला पद संख्या
| समास | विग्रह |
|---|---|
| त्रिलोकी | तीन लोक |
| चतुर्भुज | चार भुजाएँ |
| सप्तर्षि | सात ऋषि |
11. द्वंद्व समास
जिसमें दोनों पद प्रधान हों।
✅ दोनों पद समान महत्व वाले
| समास | विग्रह |
|---|---|
| माता-पिता | माता और पिता |
| दिन-रात | दिन और रात |
| सुख-दुःख | सुख और दुःख |
12. बहुव्रीहि समास
जिसमें कोई भी पद प्रधान नहीं होता बल्कि तीसरे अर्थ का बोध होता है।
✅ बाहरी अर्थ देता है
| समास | अर्थ |
|---|---|
| दशानन | दस मुख वाला |
| नीलकंठ | नीला कंठ वाला |
| पीताम्बर | पीले वस्त्र वाला |
13. समास पहचान ट्रिक
| प्रकार | पहचान |
|---|---|
| अव्ययीभाव | पहला पद प्रधान |
| तत्पुरुष | दूसरा पद प्रधान |
| कर्मधारय | विशेषण + विशेष्य |
| द्विगु | संख्या |
| द्वंद्व | दोनों प्रधान |
| बहुव्रीहि | बाहरी अर्थ |
14. परीक्षा हेतु विशेष तथ्य
✅ पहला पद प्रधान → अव्ययीभाव
✅ दूसरा पद प्रधान → तत्पुरुष
✅ संख्या → द्विगु
✅ दोनों पद प्रधान → द्वंद्व
✅ तीसरा अर्थ → बहुव्रीहि
✅ दूसरा पद प्रधान → तत्पुरुष
✅ संख्या → द्विगु
✅ दोनों पद प्रधान → द्वंद्व
✅ तीसरा अर्थ → बहुव्रीहि
15. One Line Revision
✔ संक्षिप्त शब्द = समास
✔ विग्रह = विस्तार
✔ पहला प्रधान = अव्ययीभाव
✔ दूसरा प्रधान = तत्पुरुष
✔ विशेषण = कर्मधारय
✔ संख्या = द्विगु
✔ दोनों = द्वंद्व
✔ बाहरी अर्थ = बहुव्रीहि
✔ विग्रह = विस्तार
✔ पहला प्रधान = अव्ययीभाव
✔ दूसरा प्रधान = तत्पुरुष
✔ विशेषण = कर्मधारय
✔ संख्या = द्विगु
✔ दोनों = द्वंद्व
✔ बाहरी अर्थ = बहुव्रीहि
16. Expected MCQ Facts
‘माता-पिता’ → द्वंद्व
‘त्रिलोकी’ → द्विगु
‘राजपुत्र’ → तत्पुरुष
‘दशानन’ → बहुव्रीहि
‘त्रिलोकी’ → द्विगु
‘राजपुत्र’ → तत्पुरुष
‘दशानन’ → बहुव्रीहि
17. सुपर ट्रिक
ATKDBB Formula
A → अव्ययीभाव
T → तत्पुरुष
K → कर्मधारय
D → द्विगु
D → द्वंद्व
B → बहुव्रीहि
A → अव्ययीभाव
T → तत्पुरुष
K → कर्मधारय
D → द्विगु
D → द्वंद्व
B → बहुव्रीहि

0 टिप्पणियाँ